जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस में पिछले कई दिनों से चल रही सियासी हलचल पर फिलहाल विराम लग गया है। पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने नाराज विधायकों के साथ लंबी बातचीत कर बगावत की आग को शांत करने का प्रयास किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
3 घंटे की मैराथन बैठक और बगावत का अंत पिछले 10 दिनों में बागी विधायकों ने लगातार 4 बैठकें कर अब्दुल्ला परिवार को अपनी ताकत का एहसास कराया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फारूक अब्दुल्ला ने असंतुष्ट नेताओं के साथ 3 घंटे तक चर्चा की। इस दौरान विधायकों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और नाराजगी स्पष्ट रूप से जाहिर की।
पार्टी कभी नहीं टूटेगी बैठक के बाद फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया के सामने आकर तमाम अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, पार्टी के टूटने की अफवाहें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। जो लोग ऐसा सोचते हैं, वे गलतफहमी में हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस न कभी टूटी है और न ही कभी टूटेगी। उन्होंने माना कि विधायकों की चिंताएं जायज थीं, जिन पर गहराई से विचार किया गया है।
उमर अब्दुल्ला की कार्यशैली पर सवाल भले ही फारूक अब्दुल्ला ने एकजुटता का दावा किया हो, लेकिन अंदरखाने तनाव मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की कार्यशैली को लेकर है। बागी विधायक सीधे तौर पर उमर की नीति और उनके कामकाज के तरीके से असहज नजर आ रहे हैं। इस बगावत को उमर के खिलाफ बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
क्या हैं बागी विधायकों की मांगें? विधायकों ने नेतृत्व के सामने चार प्रमुख शर्तें रखी हैं:
स्टेटहुड की लड़ाई जारी रहेगी फारूक अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि पार्टी का मुख्य ध्यान जम्मूकश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और अनुच्छेद 370 व 35A को लेकर जारी लड़ाई पर है। उन्होंने कहा कि सरकार और पार्टी को मजबूत करने के लिए जो भी कदम उठाने होंगे, वे उठाए जाएंगे।
क्या भविष्य में फिर उठेंगे विरोध के स्वर? बिजबेहरा के विधायक और बागी गुट के नेता डॉ. बशीर विरी ने बैठक को सकारात्मक बताया है। हालांकि, पार्टी के गलियारों में चर्चा है कि फारूक अब्दुल्ला का हस्तक्षेप फिलहाल एक अग्निप्रशमन है। यदि नेतृत्व ने जल्द ही वादों को अमलीजामा नहीं पहनाया, तो आने वाले दिनों में असंतोष की आवाजें फिर से बुलंद हो सकती हैं। फिलहाल, सभी की नजरें अब उमर अब्दुल्ला के अगले कदम पर टिकी हैं।
*#WATCH | Srinagar: Jammu and Kashmir National Conference president Farooq Abdullah says, The baseless reports being spread that the National Conference is divided are completely false. This organisation is united, and those who think they can break this organisation should… https://t.co/E62H9kWduV pic.twitter.com/JbavqEFq11
— ANI (@ANI) November 6, 2026
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