दिवाली पर पर्यावरण तो बकरीद पर चुप्पी क्यों? नितेश राणे का दीया मिर्जा और विपक्ष पर तीखा हमला
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नागपुर: भाजपा के युवा संवाद कार्यक्रम के लिए नागपुर पहुंचे राज्य मंत्री नितेश राणे ने एक बार फिर तीखे तेवर अपनाए हैं। उन्होंने अभिनेत्री दीया मिर्जा और विपक्षी नेताओं पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए सीधा सवाल किया है।

दीया मिर्जा को खुली चुनौती

नितेश राणे ने अभिनेत्री दीया मिर्जा के दिवाली पर दिए पर्यावरण संरक्षण संदेश पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अभिनेत्री को केवल हिंदू त्योहारों के समय ही पर्यावरण की चिंता क्यों सताती है? राणे ने तर्क दिया कि यदि पर्यावरण और पशुओं के प्रति इतनी ही संवेदनशीलता है, तो बकरीद जैसे त्योहारों पर पशुओं की बलि और उस दौरान होने वाली अव्यवस्था पर चुप्पी क्यों रहती है?

रोहित पवार पर सुपारी का आरोप

राणे ने एनसीपी (शरद पवार गुट) के रोहित पवार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पवार ने मानों केवल हिंदू त्योहारों पर विवाद पैदा करने की सुपारी ले रखी है। मंत्री ने पूछा कि रोहित पवार हज यात्रा की कथित अनियमितताओं या रमजान के दौरान होने वाली समस्याओं पर चुप्पी क्यों साधे रहते हैं? उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से हिंदू त्योहारों के प्रति पूर्वाग्रही व्यवहार बताया।

विपक्ष पर देश को अराजक बनाने की साजिश का आरोप

मंत्री राणे ने राहुल गांधी, इंडिया गठबंधन और ठाकरे परिवार पर भी गंभीर हमले किए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष का मुख्य उद्देश्य देश में अराजकता फैलाना है। राणे ने कहा कि राहुल गांधी और उद्धव-आदित्य ठाकरे देश में रिजीम चेंज (सत्ता परिवर्तन) का एजेंडा चला रहे हैं, जो देश को बांग्लादेश या नेपाल जैसी स्थितियों की ओर धकेलने की साजिश है।

वडापाव का ठेला नहीं है सत्ता

विपक्ष पर तंज कसते हुए नितेश राणे ने कहा कि देश की संवैधानिक व्यवस्था को बदलना या सत्ता पलटना वडापाव का ठेला चलाने जैसा आसान काम नहीं है। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि भाजपा विपक्ष की इन कथित देश विरोधी साजिशों को कभी सफल नहीं होने देगी।

ओवैसी पर भी साधा निशाना

नागपुर में मीडिया से बात करते हुए राणे ने असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने अमेरिकी चुनाव की तुलना भारत से की थी। राणे ने कहा कि भारत महादेव की भूमि है, इसकी तुलना किसी और देश से नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका की राजनीतिक और धार्मिक परिस्थितियां पूरी तरह से अलग हैं।

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