रणजी ट्रॉफी: मेघालय क्रिकेट में बवाल, गुटबाजी के चलते पूरी टीम सस्पेंड; ड्रेसिंग रूम पर जड़ा ताला
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भारतीय घरेलू क्रिकेट में अनुशासन और प्रशासनिक गरिमा के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में नागालैंड के खिलाफ मुकाबले से ठीक एक दिन पहले मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की आंतरिक खींचतान का खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ा। पूरी टीम को अचानक सस्पेंड कर दिया गया और मैदान पर उनके लिए ड्रेसिंग रूम के दरवाजे तक बंद कर दिए गए।

अध्यक्ष बनाम सचिव की जंग यह पूरा विवाद मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष जेम्स संगमा और सचिव रियोनाल्ड खार्कमनी के बीच सत्ता संघर्ष का नतीजा है। खार्कमनी पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों को दबाने का आरोप था, जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया था। मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा, जिसने खार्कमनी के निलंबन को वैध ठहराया और उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों को अवैध घोषित कर दिया।

मैच से पहले नई टीम का फरमान अदालत का फैसला आते ही संगमा गुट ने अपनी अलग टीम चुन ली, जिसे बीसीसीआई से भी मान्यता मिल गई। जबकि, इससे पहले वाली टीम अपना अभ्यास सत्र पूरा कर चुकी थी और मैच रेफरी से भी मिल चुकी थी। रेफरी ने भी उन्हें खेलने का आश्वासन दिया था, लेकिन शाम होते-होते उन खिलाड़ियों को फोन आया कि वे अब टीम का हिस्सा नहीं हैं।

ड्रेसिंग रूम पर जड़ा ताला, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप अजीबोगरीब हालात तब पैदा हुए जब पुरानी टीम के खिलाड़ी अगली सुबह मैच के लिए स्टेडियम पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि शायद कोई रास्ता निकलेगा, लेकिन वहां पहुंचने पर पाया कि ड्रेसिंग रूम पर ताला लगा है। खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि स्थिति संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में जेम्स संगमा द्वारा माफी मांगे जाने के बाद ही ताला खोला गया।

खिलाड़ियों को दी गई धमकियां विवाद का स्तर इतना गिर गया कि टीम प्रबंधन को धमकियां मिलने की खबरें सामने आईं। टीम मैनेजर ने इन धमकियों के बाद अपना पद छोड़ दिया। वहीं, टीम के कप्तान ने मैच रेफरी से शिकायत की कि उन्हें लगातार डराया जा रहा है। हालात इतने खराब हुए कि रेफरी को सुरक्षा के मद्देनजर अपना होटल तक बदलना पड़ा।

अंडर-23 टीम पर भी गाज यह विवाद केवल सीनियर टीम तक ही सीमित नहीं रहा। मेघालय की अंडर-23 टीम को सिक्किम से वापस बुला लिया गया और उनकी जगह भी एक नई टीम को मैदान में उतार दिया गया। वहीं, अब एपेक्स काउंसिल हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

खिलाड़ियों के करियर पर मंडराता खतरा रणजी ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में मेघालय की टीम फिलहाल 12 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। एक ओर जहां टीम बेहतर प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक लड़ाई ने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ा है, बल्कि उनके भविष्य पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बोर्ड की इस आपसी जंग में सबसे ज्यादा नुकसान उन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का हो रहा है, जो राजनीति की भेंट चढ़ रहे हैं।

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