अमेरिका में इस समय मिड-टर्म चुनावों को लेकर सियासी पारा गर्म है। अक्सर लोग इसे राष्ट्रपति चुनाव समझ लेते हैं, लेकिन यह उससे बिल्कुल अलग है। यह चुनाव राष्ट्रपति का नहीं, बल्कि अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस का है।
मिड-टर्म चुनाव क्यों कहा जाता है? अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 साल का होता है। चूंकि संसद के निचले सदन (हाउस) के सदस्यों का कार्यकाल सिर्फ 2 साल होता है, इसलिए राष्ट्रपति के 4 साल के कार्यकाल के बीच में ये चुनाव आते हैं। इसीलिए इन्हें मिड-टर्म चुनाव कहा जाता है। डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल अभी आधा (2 साल) ही हुआ है, इसलिए वर्तमान में ये चुनाव हो रहे हैं।
हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स: अमेरिका की लोकसभा अमेरिकी संसद का पहला सदन हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स है। भारत की लोकसभा की तरह ही यहां सीटों का बंटवारा राज्यों की आबादी पर निर्भर करता है। इसमें कुल 435 सदस्य होते हैं, जिनका चुनाव हर 2 साल में होता है।
भारत में संसद का बहुमत प्रधानमंत्री तय करता है, लेकिन अमेरिका में ऐसा नहीं है। वहां राष्ट्रपति अलग चुना जाता है और संसद अलग। इसलिए यह संभव है कि राष्ट्रपति जिस पार्टी का हो, संसद में बहुमत किसी दूसरी पार्टी का हो।
सीनेट: राज्यों की बराबर भागीदारी वाली राज्यसभा संसद का दूसरा सदन सीनेट है। भारत की राज्यसभा के विपरीत, अमेरिका में सीनेटरों को जनता सीधे चुनती है। सीनेट में कुल 100 सदस्य होते हैं (50 राज्यों से 2-2 सदस्य)। इनका कार्यकाल 6 साल का होता है। हर 2 साल में एक-तिहाई सीटों के लिए चुनाव होता है, जिससे सीनेट का अस्तित्व कभी खत्म नहीं होता।
वर्तमान सियासी गणित फिलहाल अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। सीनेट की 100 सीटों में से 53 रिपब्लिकन के पास हैं। हाउस में 435 सीटों में से रिपब्लिकन पार्टी के पास 218 सीटें हैं, जो कि एक मामूली बहुमत है।
इस चुनाव में क्या दांव पर है? इस बार हाउस की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हो रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए चुनौती यह है कि वे सीनेट में बहुमत पाने के लिए रिपब्लिकन पार्टी से कम से कम 4 सीटें कैसे छीनें।
पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप विरोधी लहर में डेमोक्रेटिक पार्टी अपनी मौजूदा सीटें बचा पाएगी, या रिपब्लिकन पार्टी संसद पर अपना नियंत्रण और अधिक मजबूत करेगी।
VIDEO | Washington: What are the US midterms and why do they matter - Explained.
— Press Trust of India (@PTI_News) November 3, 2026
On November 3rd, America will be heading to the polls. And while Donald Trump s name won t be on the ballot, the outcome of this midterm election could have a major bearing on the rest of his… pic.twitter.com/TiZQS7lixk
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