महादेव ऐप का सरगना सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार: दिल्ली पहुंचते ही दिखाया पुष्पा स्वैग, चेहरे पर नहीं दिखी शिकन
News Image

दिल्ली: महादेव सट्टा ऐप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। रविवार को सीबीआई की टीम उसे मस्कट से दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय लेकर पहुंची। इस दौरान चंद्राकर का जो अंदाज दिखा, उसने सभी को हैरान कर दिया।

कैमरे के सामने दिखा बेखौफ अंदाज सीबीआई हेडक्वार्टर पहुंचते ही जैसे ही पत्रकारों और कैमरों की नजर सौरभ चंद्राकर पर पड़ी, उसने कोई भी पछतावा दिखाने के बजाय फिल्म पुष्पा का सिग्नेचर पोज दिया। हाथ से इशारा करते हुए उसने झुकेगा नहीं वाला अंदाज दिखाया और चेहरे पर मुस्कान बनाए रखी।

हजारों परिवारों को किया बर्बाद महादेव सट्टा ऐप के जरिए सौरभ चंद्राकर ने अरबों रुपयों की अवैध कमाई की है। इस सट्टेबाजी के खेल में देश के हजारों आम लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई और जीवन की जमा-पूंजी गंवा दी। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद भी उसके चेहरे पर अपने किए का कोई अफसोस नजर नहीं आया।

छत्तीसगढ़ में मची खलबली सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से छत्तीसगढ़ के कई रसूखदार और रसूखदार लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, चंद्राकर के नेटवर्क को संरक्षण देने और अवैध कमाई में हिस्सेदार रहे कई बड़े चेहरों की पहचान अब जांच के दायरे में है।

कानूनी शिकंजा और आगे की राह चंद्राकर के खिलाफ सीबीआई के पास दो मामले दर्ज हैं, जिनमें चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसके अलावा, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने भी उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर रखा है। मेडिकल जांच के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रायपुर ले जाया जाएगा, जहां उससे पूछताछ की जाएगी।

ऐसे हुआ ओमान से प्रत्यर्पण सीबीआई ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए उसके लोकेशन का पता लगाया था। ओमान पुलिस की मदद से उसे हिरासत में लिया गया और भारत के साथ हुए प्रत्यर्पण समझौते के तहत उसे सीबीआई की टीम ने मस्कट से कस्टडी में लिया।

देश का सबसे बड़ा सट्टेबाजी सिंडिकेट यह मामला भारत का अब तक का सबसे बड़ा ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट माना जा रहा है। जांच में यह सामने आया है कि चंद्राकर भारत से बाहर बैठकर विभिन्न पैनल और ब्रांच के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और कैसीनो जैसे खेलों पर सट्टा लगवाता था। सट्टे की कमाई पहले म्यूल अकाउंट्स में जाती थी और फिर हवाला के जरिए विदेश भेजी जाती थी। इस पूरे नेटवर्क को निर्बाध चलाने के लिए सरकारी तंत्र में भी मोटी रिश्वत बांटी जाती थी।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

चक्रवात ‘मुरासु’ का अलर्ट: आज रात आंध्र तट से टकराएगा तूफान, 8 राज्यों में बारिश का खतरा

Story 1

पंजाब चुनाव: अकाली दल को मिला भारतीय किसान यूनियन का बड़ा साथ, सुखबीर बादल ने किया स्वागत

Story 1

राम बनाम कृष्ण: धीरेंद्र शास्त्री के विवादित बयान पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी, पूछा- उन्हें कौन दे रहा है शह?

Story 1

किंग का धमाका: शाहरुख के बर्थडे पर रिलीज हुआ तू मिल जाए , दीपिका संग दिखी जबरदस्त केमिस्ट्री

Story 1

दिवाली पर तमिल सिनेमा को बड़ी सौगात: CM विजय ने 224 प्रोड्यूसर्स को जारी किए 15.68 करोड़ रुपये

Story 1

CSK का बड़ा दांव: 14.2 करोड़ के स्टार खिलाड़ी की हो सकती है छुट्टी

Story 1

दीया मिर्जा का दिवाली संदेश और मचा सियासी बवाल: BMC को हटाना पड़ा वीडियो

Story 1

बांग्लादेश में उबाल: गारमेंट कर्मचारियों की वेतन क्रांति , तीसरे दिन भी थमा काम

Story 1

दिल्ली की राजनीति का दिवाली वाले बाजारों पर प्रहार: 2.5 लाख दुकानें बंद, 11 हजार करोड़ का नुकसान

Story 1

IDBI बैंक के 10,000 कर्मचारी हड़ताल पर: बैंकिंग कामकाज ठप, जानें ग्राहकों पर क्या होगा असर