रामलीला मैदान में 10 लाख का दावा, खाली कुर्सियां और संबित पात्रा का तीखा प्रहार
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दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई इंडिया गठबंधन की मेगा रैली के बाद बीजेपी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने रैली में जुटी भीड़, राहुल गांधी के दावों और विपक्षी एजेंडे पर सवाल उठाते हुए इसे समय की बर्बादी करार दिया है।

10 लाख का दावा बनाम खाली कुर्सियां

संबित पात्रा ने रैली में 10 लाख लोगों के जुटने के दावों की धज्जियां उड़ाईं। उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान का लगभग 40 फीसदी हिस्सा खाली पड़ा था। आंकड़ों का हवाला देते हुए पात्रा ने कहा कि 28 हजार कुर्सियों में से दोपहर तक 5 से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं। उन्होंने तंज कसा कि इतनी पार्टियों के जुटने के बावजूद गठबंधन भीड़ जुटाने में नाकाम रहा।

राहुल गांधी का भारत उनके अब्बू जान का नहीं

पात्रा ने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा, राहुल जी, यह भारत आपके अब्बू जान की जागीर नहीं है। यह देश यहां की जनता का है, जहां एक चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने राहुल की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे खरीदारी के लिए अक्सर वियतनाम और बैंकॉक जाते हैं, लेकिन भारत के आम बाजारों और जनता के दुख-दर्द से उन्हें सरोकार नहीं है।

1984 के दंगों और तारीख के चयन पर सवाल

बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस दिन रैली आयोजित की गई, उसी दिन 1984 में हजारों सिखों की निर्मम हत्या हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों की बार-बार अपील के बावजूद राहुल ने इस तारीख को नहीं बदला। पात्रा ने पूर्व पीएम राजीव गांधी के बड़ा पेड़ गिरने वाले बयान को याद दिलाते हुए कहा कि राहुल अब लोकतंत्र रूपी पेड़ को गिराना चाहते हैं।

2024 चुनाव को अवैध बताने पर पलटवार

राहुल गांधी द्वारा 2024 के लोकसभा चुनावों पर उठाए गए सवालों पर पात्रा ने कहा कि अगर चुनाव अवैध था, तो राहुल खुद अवैध नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति 2025 में हुई थी, जबकि चुनाव 2024 में संपन्न हुए थे। पात्रा ने चुनौती दी कि अगर चुनाव में धांधली हुई थी, तो विपक्ष ने अब तक अदालत में एक भी याचिका क्यों दाखिल नहीं की।

घुसपैठियों पर ममता और राहुल को घेरा

घुसपैठ के मुद्दे पर पात्रा ने ममता बनर्जी और राहुल गांधी की चुप्पी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए इनके लिए केवल वोट बैंक हैं। पात्रा ने दोटूक कहा कि भारत में केवल नागरिकों को वोट देने का अधिकार है और किसी भी घुसपैठिये को देश पर शासन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने विपक्ष की रैली को शिव जी की बारात कहे जाने पर इसे अराजकता का तमाशा करार दिया।

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