मणिपुर की राजधानी इंफाल शनिवार को एक ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन का गवाह बनी। राज्य में जारी हिंसा से त्रस्त हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी (COCOMI) के नेतृत्व में आयोजित किया गया था।
मैतेई और नागा एक मंच पर प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें मैतेई समुदाय के साथ-साथ नागाओं के शीर्ष संगठन यूनाइटेड नागा काउंसिल ने भी हिस्सा लिया। हाल ही में मैतेई समुदाय के 14 लोगों पर हुए घातक हमले ने आक्रोश को और हवा दे दी है। प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर बचाओ और SoO समझौता खत्म करो जैसे नारे लिखे तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया।
सरकार पर सुरक्षा में विफलता का आरोप COCOMI के संयोजक वाई धीरन ने कड़े शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार राज्य के मूल निवासियों की जान-माल की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि पिछले साढ़े तीन वर्षों से चल रहा संकट अब असहनीय हो गया है। रैली के दौरान अवैध घुसपैठ और नार्को-टेररिज्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।
क्या है SoO समझौता और विवाद क्यों? सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौता केंद्र सरकार, राज्य सरकार और कुकी-जो उग्रवादी समूहों के बीच 2008 में हुआ था। इसका मुख्य उद्देश्य हिंसा को रोकना और बातचीत करना था। लेकिन अब स्थानीय समुदाय इसे ही हिंसा की जड़ मान रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उग्रवादी इस समझौते की आड़ में अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
कैंपों की सच्चाई आई सामने विवाद तब और गहरा गया जब सुरक्षा बलों ने एक कुकी उग्रवादी कैंप की जांच की। वहां मिली भारी गड़बड़ियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 159 उग्रवादियों के नाम दर्ज होने के बावजूद कैंप में केवल एक व्यक्ति मौजूद था। इस खुलासे के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां राज्य के सभी 14 कैंपों का ऑडिट करने की तैयारी कर रही हैं।
हिंसा का अंतहीन सिलसिला मई 2023 से शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक 306 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। फरवरी 2024 से कुकी-नागा समुदायों के बीच हुए संघर्ष में भी करीब 50 लोगों ने जान गंवाई है। सरकार के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती न केवल बढ़ते तनाव को थामना है, बल्कि अलग-अलग समुदायों के बीच खोया हुआ भरोसा फिर से कायम करना भी है।
#WATCH | Manipur | People in large numbers participated in the rally organised by the Coordinating Committee on Manipur Integrity (COCOMI) in Imphal
— ANI (@ANI) October 31, 2026
Representatives from different communities, including people from both the hills and the valley, marched and raised slogans… pic.twitter.com/XdjEvnOl7L
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