नई दिल्ली: बांग्लादेश की राजधानी ढाका एक बार फिर भारत विरोधी नारों से गूंज उठी है। नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) द्वारा आयोजित एक विशाल रैली में न केवल प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार को घेरा गया, बल्कि भारत पर बांग्लादेश के खिलाफ साजिश रचने के गंभीर आरोप भी लगाए गए।
दिल्ली नहीं, ढाका का नारा ढाका के नेशनल म्यूजियम के सामने हुई इस रैली में हजारों लोग शामिल हुए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में NCP नेता नाहिद इस्लाम को दिल्ली नहीं, ढाका का नारा लगाते सुना जा सकता है। नाहिद इस्लाम, जो जुलाई 2024 के उस विद्रोह के प्रमुख चेहरे रहे हैं जिसने शेख हसीना की सत्ता गिरा दी थी, ने इस बार मौजूदा सरकार को भारत के इशारों पर नाचने वाला करार दिया है।
आरोपों की झड़ी और गंगा जल मुद्दा नाहिद इस्लाम ने भारत पर सीमा पर हत्याओं, असम और पश्चिम बंगाल में मुसलमानों के साथ भेदभाव और दिल्ली में मस्जिदों को गिराने की साजिश रचने का दावा किया। इसके साथ ही उन्होंने गंगा जल समझौते का मुद्दा उठाते हुए चेतावनी दी कि अगर भारत के साथ इस समझौते पर निष्पक्ष बातचीत नहीं हुई, तो बांग्लादेशी जनता सड़कों पर उतरेगी। वर्तमान समझौता दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है।
सरकार की विफलता और मंत्रियों का इस्तीफा इस विरोध प्रदर्शन के केंद्र में बांग्लादेश का गहराता बिजली संकट, ईंधन की कमी और बढ़ती महंगाई है। NCP ने गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद और ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद टुकू के इस्तीफे की मांग की है। वक्ताओं ने दावा किया कि बांग्लादेश में गैस की कीमतें भारत (कोलकाता) की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हैं, जिसके लिए उन्होंने सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
तारिक रहमान पर निशाना नाहिद इस्लाम ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लंदन से वापसी के बाद से तारिक रहमान भ्रष्टाचार और हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। NCP नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं और मंत्रियों ने इस्तीफा नहीं दिया, तो वे प्रधानमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
बिगड़ती आर्थिक स्थिति बांग्लादेश इस समय गंभीर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, महंगाई 8.5 फीसदी तक पहुंच गई है और पिछले एक साल में करीब 21 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे चले गए हैं। बिजली कटौती का सीधा असर देश के कपड़ा उद्योग पर पड़ रहा है, जो वहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
साजिश का डर या राजनीतिक पैंतरेबाजी? फरवरी में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद भारत विरोधी बयानों में अस्थायी रूप से नरमी आई थी, लेकिन अब घरेलू मोर्चे पर असफलताओं से घिरी सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा एक बार फिर भारत के नाम पर काव्यात्मक रूप ले रहा है। जानकारों का मानना है कि अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए NCP जैसे दल जानबूझकर भारत को निशाना बना रहे हैं।
*Unstoppable.
— Nahid Islam (@NahidIslam_24) October 30, 2026
Our fight continues until all 4 demands, including the resignation of the Home Minister, are met. InshaAllah! pic.twitter.com/vSJsUf4n46
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