पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में बुधवार को एक ऐसा वाकया हुआ जिसने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की साख पर सवाल खड़े कर दिए। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने तेहरान में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक को लेकर ख्वाजा आसिफ पर तीखा तंज कसा।
बैठक में कौन था, मंत्री कहां थे? ईरान में हाल ही में क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी शामिल हुए। लेकिन, रक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े इस अहम मौके पर देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ नदारद थे।
कोई शर्म होती है, कोई हया होती है मौलाना फजलुर रहमान ने सदन में तीखे लहजे में कहा, ईरान में रक्षा से जुड़ी बैठक हो रही है और हमारे रक्षा मंत्री यहां बैठे हैं। क्या वहां गृह मंत्री की ड्यूटी थी? कोई अपनी इज्जत और अपना मुकाम होता है, कोई शर्म होती है, कोई हया होती है।
इस तंज ने सदन में मौजूद सदस्यों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। मौलाना फजलुर रहमान ने ख्वाजा आसिफ के ही पुराने बयानों का इस्तेमाल कर उनकी जमकर खिंचाई की।
सरकार का सफाईनामा विपक्ष के हमलों के बाद गुरुवार को ख्वाजा आसिफ को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने इन दावों को खारिज किया कि तेहरान में कोई रक्षा समझौता हो रहा था। उन्होंने सफाई दी कि उस बैठक का पाकिस्तान की रक्षा या उससे जुड़े मामलों से कोई लेना-देना नहीं था।
क्या है बैठक का असली मकसद? तेहरान में आयोजित इस बैठक में पाकिस्तान के अलावा सऊदी अरब, तुर्की और ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करना था।
संयुक्त बयान में चारों देशों ने शांति और सुरक्षा पर मिलकर काम करने की सहमति जताई है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी क्षेत्रीय एकता पर जोर दिया है।
सियासी गलियारों में चर्चा पाकिस्तान में इस बात को लेकर बहस तेज है कि क्या सेना प्रमुख और गृह मंत्री विदेश नीति और रक्षा मामलों में सरकार को पूरी तरह से दरकिनार कर रहे हैं? ख्वाजा आसिफ की अनुपस्थिति ने एक बार फिर पाकिस्तान के सत्ता गलियारों में असली ताकत किसके हाथ में है, इसे लेकर चर्चाएं गर्म कर दी हैं।
جناب خواجہ آصف صاحب بھی تشریف فرما ہیں۔ وزیرِ دفاع!
— Jamiat Ulama-e-Islam Pakistan (@juipakofficial) October 28, 2026
دفاعی معاہدہ ایران میں ہو رہا ہے، میٹنگ ہو رہی ہے، دفاعی وزیر یہاں بیٹھا ہوا ہے، خارجہ وزیر یہاں بیٹھا ہوا ہے۔ وہاں بھی وزارتِ داخلہ کی ڈیوٹی ہوتی ہے؟ اپنی عزت و مقام، کوئی شرم ہوتی ہے، کوئی حیا ہوتی ہے۔امیر جےیوآئی کا قومی… pic.twitter.com/qXKMc3Y48R
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