क्या मिडल ईस्ट में थमेंगी जंग की आहटें? जेडी वेंस की ईरान को ‘सीक्रेट’ चिट्ठी
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मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक नई हलचल देखी जा रही है। खबरों के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई को एक पत्र भेजा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बातचीत के बंद दरवाजों को फिर से खोलना है।

ट्रंप की रणनीति या वेंस की कूटनीति? बताया जा रहा है कि यह पत्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर भेजा गया है। मोहसेन रेजाई, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व कमांडर भी रह चुके हैं, ईरान के सुरक्षा ढांचे में एक अहम कड़ी हैं। इस कदम के जरिए अमेरिका यह टटोलने की कोशिश कर रहा है कि क्या ईरान के साथ किसी तरह का समझौता संभव है।

ट्रंप का इनकार और सच्चाई क्या है? हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि यह पत्र शांति वार्ता के लिए था। ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वेंस की बातचीत का उद्देश्य केवल मानवीय आधार पर ईरान को चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराना था, न कि कोई राजनीतिक समझौता।

मध्यावधि चुनाव और सैन्य हमले का खतरा विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के तुरंत बाद ईरान पर सीमित लेकिन जोरदार सैन्य हमला कर सकता है। वेंस की यह पहल युद्ध को टालने की एक आखिरी कोशिश के रूप में देखी जा रही है। ट्रंप प्रशासन के भीतर भी इसे लेकर विरोधाभास है, जहां एक ओर युद्ध की धमकियां दी जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं।

ईरान का सख्त रुख दूसरी तरफ, ईरान ने बातचीत के लिए अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। मोहसेन रेजाई ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि जब तक तेहरान की बुनियादी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक अमेरिका के साथ किसी भी औपचारिक वार्ता की संभावना कम है।

चुनौतीपूर्ण स्थिति जेडी वेंस के लिए यह स्थिति बेहद पेचीदा है। वेंस ने अतीत में सार्वजनिक रूप से युद्ध का समर्थन किया है, लेकिन निजी तौर पर वे लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के खिलाफ रहे हैं। इससे पहले फरवरी में शुरू किए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद ट्रंप ने वेंस को ही युद्ध समाप्त करने की कूटनीतिक जिम्मेदारी सौंपी थी। अब देखना होगा कि क्या यह गुप्त पत्र मिडल ईस्ट को एक बड़े युद्ध की आग से बचा पाएगा या तनाव और गहराएगा।

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