E20 ईंधन विरोध पर नितिन गडकरी का बड़ा खुलासा: इसे बताया पेड कैंपेन
News Image

पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने (E20) के फैसले को लेकर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने तीखा हमला बोला है। गडकरी ने साफ तौर पर कहा कि यह विरोध पूरी तरह से प्रायोजित था और इसे पैसे देकर हवा दी गई थी।

पेड कैंपेन था E20 का विरोध उद्योग संगठन CII के एक कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि तीन महीने पहले E20 के खिलाफ जो हंगामा मचाया गया था, वह अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने इसे एक ‘पेड कैंपेन’ करार दिया। गडकरी के अनुसार, एथेनॉल के इस्तेमाल से भारत कच्चे तेल के आयात पर अपनी निर्भरता कम कर सकता है, जिससे देश की भारी विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

20% से आगे नहीं बढ़ेगी एथेनॉल ब्लेंडिंग दूसरी ओर, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान पुरी ने कहा कि फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की सीमा को 20% से आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि बायोफ्यूल को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है, जो पूरी तरह निराधार है।

हाल ही में आए नए नियम केंद्र सरकार ने हाल ही में केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में बदलाव की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत अब देश में 100% एथेनॉल (E100) से चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को भी अनुमति दी जाएगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य ईंधन आयात पर होने वाले खर्च को कम करना और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है।

दो साल में हाईवे की सुधरेगी तस्वीर नितिन गडकरी ने हाईवे की खराब हालत पर मिल रही शिकायतों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर आ रही शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और हाल ही में करीब 800 परियोजनाओं की समीक्षा की गई है। गडकरी ने भरोसा दिलाया कि अगले दो साल के भीतर राजमार्गों की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होगी।

क्या है E20 और E100 ईंधन? E20 ईंधन का मतलब है पेट्रोल में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण। वहीं, E100 लगभग शुद्ध एथेनॉल है। इन ईंधनों का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना है, जिससे देश के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

E20 ईंधन विरोध पर नितिन गडकरी का बड़ा खुलासा: इसे बताया पेड कैंपेन

Story 1

धोनी और युवराज जैसी चमक: सुरेश रैना ने तिलक वर्मा को बताया टीम इंडिया का नया फिनिशर

Story 1

लिकटेंस्टाइन के शाही जोड़े का भारत में भव्य स्वागत: पीएम मोदी के साथ व्यापार और तकनीक पर मंथन

Story 1

क्या तीन चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति भी मनमानी है? सुप्रीम कोर्ट में EC के हलफनामे पर कांग्रेस का तीखा प्रहार

Story 1

खड़गे के बाप वाले बयान पर सियासी घमासान, BJP ने पूछा- क्या देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस?

Story 1

दिल्ली में सियासी घमासान: लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा के साथ विपक्ष को घेरेगी बीजेपी

Story 1

टेस्ट क्रिकेट के किंग कुमार संगकारा: 11 दोहरे शतक और 624 रनों की वह ऐतिहासिक साझेदारी!

Story 1

क्या ज्ञानेश कुमार को हटाते ही खत्म होगा विपक्ष का प्रदर्शन? राहुल गांधी की पीएम मोदी को खुली चुनौती

Story 1

गुवाहाटी में खूनी खेल: होटल के पास ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला शहर, 5 की मौत

Story 1

पैरालिसिस का नाटक कर रहा था भिखारी, इंजेक्शन देखते ही भरा फर्राटा!