अभिजीत दीपके पर गंभीर आरोप कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके इन दिनों विवादों के घेरे में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने दो प्रमुख सहयोगियों, सौरभ दास और आशुतोष रांका को आंदोलनों की आग में झोंक दिया, जबकि खुद सुरक्षित दूरी बनाए रखी। इन दोनों नेताओं को सात दिन तक तिहाड़ जेल में बिताने पड़े थे।
आंदोलन से पल्ला झाड़ने का दांव? विवाद तब और गहरा गया जब तिहाड़ में बंद साथियों के बीच दीपके ने दिवाली तक आंदोलन रोकने की अपील की। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि असल में दास और रांका ही आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। इस बयान को आलोचकों ने दीपके द्वारा जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने और अपने साथियों को फंसाने की चाल करार दिया।
क्या टूट गई तिगड़ी ? सोशल मीडिया पर इन अटकलों ने जोर पकड़ लिया कि टीम के तीनों मुख्य चेहरों—दीपके, दास और रांका—के बीच अब पहले जैसी बॉन्डिंग नहीं रही। चर्चा थी कि जेल से आने से पहले ही दीपके ने अकेले दम पर आंदोलन स्थगित करने का फैसला लेकर दोनों की अनदेखी कर दी।
फोटो ने दी अफवाहों को हवा इन्हीं आरोपों के बीच, सोमवार (26 अक्टूबर) को अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा की। इस फोटो में दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका एक साथ नजर आ रहे हैं। तीनों ने काली टी-शर्ट पहनी है और मजाकिया अंदाज में पोज दे रहे हैं, जिसमें दास और रांका, दीपके पर मुक्का मारते हुए दिख रहे हैं।
व्यंग्य के जरिए जवाब तस्वीर को साझा करते हुए दीपके ने तंज कसते हुए लिखा, हमारे बीच अंदरूनी फूट पड़ गई है। इस फोटो के जरिए उन्होंने उन तमाम कयासों को खारिज करने की कोशिश की है, जो उनके और उनके साथियों के बीच मतभेद की ओर इशारा कर रहे थे।
जेल से रिहा हुए दास और रांका बता दें कि पिछले हफ्ते ही सौरभ दास और आशुतोष रांका तिहाड़ जेल से रिहा हुए हैं। उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और शांति बनाए रखने के हलफनामे के बाद जमानत मिली थी। रिहाई के बाद से ही तीनों नेताओं की चुप्पी और बदले हुए रुख पर राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पार्टी की ओर से कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Internal rift🥴 pic.twitter.com/aREZ0JoNIH
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 26, 2026
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