नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर अपने विवादित बयानों से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। बारामूला में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि कश्मीरी लोग केवल पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सक्रियता के कारण सुरक्षित हैं।
पाकिस्तान के दबाव में है दिल्ली अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, कश्मीरी सिर्फ इसलिए बचे हुए हैं क्योंकि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा लगातार उठा रहा है। अगर पड़ोसी मुल्क ऐसा नहीं करता, तो दिल्ली के इरादे ठीक नहीं हैं। वे आज अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण चुप हैं, वरना हमारी पहचान मिटा दी जाती।
हिम्मत नहीं दिखाई तो मिट जाओगे पूर्व मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली से इंसाफ की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट हों। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, लड़ने की हिम्मत रखो, वरना तुम खत्म कर दिए जाओगे और तुम्हारी पहचान मिटा दी जाएगी।
आर्टिकल 370 और पूर्ण राज्य का दर्जा फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव और परिसीमन के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया गया था, जो अब तक अधूरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्टिकल 370 की बहाली और पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए पार्टी अब आर-पार की लड़ाई लड़ेगी।
बुलडोजर एक्शन पर बीजेपी को घेरा अब्दुल्ला ने देशभर में चल रहे बुलडोजर एक्शन को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, पूरे भारत में बीजेपी की सरकारें लोगों के घर उजाड़ रही हैं, दुकानें तोड़ रही हैं। क्या आपसे कुछ छिपा है? जब तक आप एकजुट नहीं होंगे, तब तक अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर पाएंगे।
पीडीपी पर साधा निशाना अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पीडीपी के पुराने बीजेपी के साथ संबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडीपी के उसी गठबंधन की वजह से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा छिनने का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने युवाओं से एकजुट रहने और अपनी पहचान के लिए संघर्ष करने की अपील की।
हक मांगना देशद्रोह नहीं अब्दुल्ला ने अंत में स्पष्ट किया कि अपने हक और पहचान के लिए आवाज उठाना कोई देशद्रोह नहीं है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे अपने पैरों पर खड़े हों, ईश्वर को याद रखें और आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हो जाएं। उन्होंने भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर को उसका विशेष दर्जा एक दिन जरूर वापस मिलेगा।
*Baramulla, Jammu and Kashmir: National Conference President Farooq Abdullah says, They are completely independent. When I saw those documents, what can you expect from Delhi? Do you expect them to deliver justice for you? Have the courage to fight, or you will be wiped out, and… pic.twitter.com/izQ2j5p0Ci
— IANS (@ians_india) October 24, 2026
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