दिल्ली पुलिस के नोटिस को चुनौती देने का ऐलान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस के पीस बॉन्ड को मानने से साफ इनकार कर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उनकी याचिका खारिज किए जाने के बाद नेहा ने कहा कि वह न तो खुद इस बॉन्ड पर साइन करेंगी और न ही उनका संगठन इसके आगे झुकेगा। उन्होंने साफ किया कि वह इस कानूनी नोटिस को आगे और बड़ी अदालतों में चुनौती देंगी।
संवैधानिक अधिकारों पर प्रहार का आरोप नेहा बोरा का कहना है कि यह पीस बॉन्ड उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनके मुताबिक, इस बॉन्ड का मकसद शांति कायम रखना नहीं, बल्कि भविष्य में किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाना है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक हथियार बताते हुए कहा कि वे अपनी आवाज को इस तरह के दबाव में नहीं दबाने देंगी।
लोकतांत्रिक प्रदर्शन को हिंसा में बदला पुलिस ने नेहा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा किए गए सभी प्रदर्शन अब तक पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया, अगर प्रदर्शनों के दौरान कहीं भी हिंसा हुई है, तो वह पुलिस की तरफ से थी। सुरक्षाकर्मियों ने लाठियों और डंडों का इस्तेमाल किया, यहां तक कि महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
क्या है पूरा मामला? यह विवाद 16 अक्टूबर का है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंडी हाउस में प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने उन्हें शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और एक जमानतदार देने का नोटिस जारी किया था।
हाई कोर्ट का क्या था रुख? नेहा ने इस नोटिस को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के पास चुनौती दी थी, जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। हालांकि, जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया है कि वे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते समय पूरी सावधानी बरतें और नेहा को जांच से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराएं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नेहा बोरा का अगला कानूनी कदम क्या होगा।
#WATCH | Delhi: AISA National President Neha Bora says, We don t have any conditions. We are not going to sign the bond.
— ANI (@ANI) October 24, 2026
Yesterday, the Delhi High Court dismissed Neha Bora’s plea challenging the SEM Court notice asking her to execute a ₹10,000 bond with a surety to maintain… pic.twitter.com/SqxTLNNjA7
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