अमरावती: आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया भारी हंगामे और हिंसा की भेंट चढ़ गई है। राज्य के कई जिलों से पत्थरबाजी, वाहनों में आगजनी और उम्मीदवारों को नामांकन से रोकने की खबरें सामने आई हैं, जिससे राजनीतिक माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया है।
पूर्व मंत्री के साथ धक्का-मुक्की पलनाडु जिले के चिलकलुरिपेट में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विदादला रजनी जब अपने समर्थकों को पार्टी का बी-फॉर्म देने जा रही थीं, तब पुलिस ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि इस दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे वे जमीन पर गिर गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
विपक्ष का सरकार पर हमला वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सरकार पर विपक्ष को चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखने की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए और पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए न्यायमित्र नियुक्त किए जाएं।
हिंसा के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता के अनुसार, केवल गुरुवार को ही राज्य के 13 जिलों में नामांकन से जुड़ी 31 हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 22 मामले झड़प और सार्वजनिक अव्यवस्था से संबंधित थे, जबकि 9 घटनाओं में नामांकन पत्र फाड़ने या छीनने की कोशिश की गई। पुलिस कांस्टेबल सहित कई लोग इस हिंसा में घायल हुए हैं और 16 मामले दर्ज कर 54 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
टीडीपी और वाईएसआरसीपी में आरोप-प्रत्यारोप जहां वाईएसआरसीपी पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रही है, वहीं सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने उल्टा वाईएसआर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हिंसा भड़काने और नामांकन प्रक्रिया को बाधित करने का आरोप लगाया है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायतें दर्ज करा रही हैं।
चुनाव आयोग का रुख लगातार मिल रही शिकायतों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद, निर्वाचन आयोग ने कडप्पा, राजमपेट, मायदुकुर और तिरुपति जैसे कुछ क्षेत्रों में नामांकन के लिए अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है। बहरहाल, राज्य भर में उम्मीदवारों की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव कराना प्रशासन के लिए अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।
ये आंध्र प्रदेश की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री है
— Atul Londhe Patil (INDIA Ka Parivar)🇮🇳 (@atullondhe) October 23, 2026
लोकल बॉडी चुनाव में उम्मीदवार का पर्चा भरने के लिए जा रही थी
बाकी आंध्र प्रदेश पुलिस का व्यवहार देख लीजिए
पूर्व मंत्री महोदया को सीधा जमीन पर पटक दिया
लोकचंद्र में आलूचना अनिवार्य है 🥱 pic.twitter.com/c5rAPrVsJx
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