ईरान पर मंडराया युद्ध का साया: इजरायल की आक्रामक उड़ान और ट्रंप की सख्त चेतावनी ने बढ़ाई हलचल
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पश्चिम एशिया एक बार फिर विनाशकारी युद्ध की कगार पर खड़ा है। अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर बनी नई सैन्य रणनीति ने पूरे क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ बातचीत के रास्ते बंद हो चुके हैं और जल्द ही कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है।

क्या मिडटर्म चुनाव के बाद होगा ईरान पर हमला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वाशिंगटन और तेल अवीव ईरान के परमाणु केंद्रों, ऊर्जा संयंत्रों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने की योजना तैयार कर रहे हैं। अमेरिकी सैन्य तैनाती को देखते हुए संकेत मिल रहे हैं कि नवंबर की शुरुआत तक क्षेत्र में भारी संख्या में एयरक्राफ्ट कैरियर, लड़ाकू विमान और विशेष अभियान बल तैनात किए जाएंगे। ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल सैन्य विकल्पों पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन स्पष्ट किया है कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने के लिए सभी विकल्प मेज पर हैं।

इजरायल का शक्ति प्रदर्शन और युद्ध का जोखिम

हाल ही में इजरायल के दर्जनों फाइटर जेट्स ने ईरान की सीमा के पास उड़ान भरकर एक बड़ा संदेश दिया है। सीरिया और इराक के ऊपर से गुजरे इस मिशन का उद्देश्य ईरान को डराना था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों के बीच चिंता है कि कहीं ईरान द्वारा की गई कोई जवाबी कार्रवाई बड़े युद्ध को न्योता न दे दे। बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही ट्रंप के सामने ईरान पर हमले का प्रस्ताव रख चुके हैं, और इजरायल में होने वाले आगामी चुनावों के बीच यह तनाव और गहरा सकता है।

ईरान का पलटवार: फादर ऑफ ऑल बम्स की चुनौती

ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका के मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स के जवाब में अपने फादर ऑफ ऑल बम्स हथियार के प्रदर्शन की धमकी दी है। ईरान का दावा है कि पिछले संघर्षों के बाद उसने अपने मिसाइल भंडार में डेढ़ गुना बढ़ोतरी की है और किसी भी हमले की स्थिति में बेहद घातक जवाब देने की चेतावनी दी है।

सऊदी अरब से अमेरिकी कर्मियों की निकासी

तनाव का असर सऊदी अरब में भी साफ दिख रहा है। हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल क्षेत्रों और हवाई अड्डों पर बढ़ रहे ड्रोन हमलों के मद्देनजर अमेरिका ने अपने दूतावास से गैर-जरूरी स्टाफ और उनके परिवारों को वापस बुलाने का आदेश दिया है। शायबा तेल क्षेत्र पर हालिया हमले में हुई मौतों ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को और नाजुक बना दिया है।

फिलहाल, पश्चिम एशिया में हर पल बदलती परिस्थितियां इस ओर इशारा कर रही हैं कि कूटनीति के दरवाजे बंद हो रहे हैं और जल्द ही कोई बड़ा सैन्य धमाका हो सकता है।

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