मिशन 2029: नशे से मुक्त होगा भारत, अमित शाह ने पुलिस को दिया अंतिम युद्ध का मंत्र
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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश के लिए एक बड़ा विजन पेश किया है। शाह ने स्पष्ट किया कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह से ड्रग्स मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने देशभर की पुलिस को इस युद्ध में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।

नक्सलवाद का खात्मा: 45 साल के अंधेरे का अंत

शाह ने घोषणा की कि 31 मार्च 2026 को भारत आधिकारिक रूप से नक्सलवाद के खतरे से मुक्त हो गया है। उन्होंने याद दिलाया कि 1981 से शुरू हुआ यह दौर देश के लिए बेहद दर्दनाक रहा। इस हिंसा में 13,700 से अधिक नागरिक और 3,600 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने भारी कीमत चुकाई है।

तीन मोर्चों पर सुरक्षा का दम

गृह मंत्री ने कहा कि भारत ने अपनी आंतरिक सुरक्षा की तीन बड़ी चुनौतियों—कश्मीर का आतंकवाद, पूर्वोत्तर का उग्रवाद और नक्सलवाद—पर बड़ी जीत हासिल की है। पूर्वोत्तर में शांति समझौते और हजारों उग्रवादियों के मुख्यधारा में लौटने को उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि करार दिया।

चुनाव में CAPF की अहम भूमिका

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए शाह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि CAPF की तैनाती के कारण चुनाव में एक भी जान नहीं गई। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुरक्षित बनाने में सुरक्षा बलों के योगदान को अपरिहार्य बताया।

पुलिस: देश की पहली और आखिरी ढाल

शाह ने पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए कहा कि जब पूरा देश त्योहार मनाता है, तब पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था के लिए तैनात रहते हैं। उन्होंने पुलिस को आंतरिक सुरक्षा की पहली और आखिरी ढाल बताया।

36,852 शहीदों को नमन

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में शाह ने 36,852 शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस वर्ष इस सूची में 154 और नाम जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि 2018 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटित यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रसेवा का सबसे बड़ा प्रेरणा केंद्र है।

स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व

शाह ने 21 अक्टूबर 1959 की घटना को याद किया, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों से लोहा लेते हुए CRPF के 10 जवान शहीद हो गए थे। इसी बलिदान की याद में हर साल पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि उन जवानों ने देश की एक इंच जमीन भी नहीं झुकने देने का जो संकल्प लिया था, वह आज भी पुलिस के लिए प्रेरणा है।

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