राजनाथ सिंह का तीखा हमला: इंडिया गठबंधन देश में आग लगाने की साजिश कर रहा है
News Image

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इंडिया गठबंधन पर देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को अस्थिर करने का गंभीर आरोप लगाया है। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष चुनाव सुधारों के नाम पर अराजकता फैला रहा है।

रिजीम चेंज की खतरनाक मंशा

राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि विपक्ष बांग्लादेश की तर्ज पर रिजीम चेंज (सरकार पलटने) की बात खुलेआम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है। रक्षामंत्री ने साफ शब्दों में कहा, यह लड़ाई न तो चुनाव सुधार के लिए है और न ही युवाओं के भविष्य के लिए, बल्कि यह केवल सत्ता हासिल करने की एक अराजक कोशिश है।

राहुल गांधी को नसीहत

रक्षामंत्री ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि लोकतंत्र का मतलब अराजकता फैलाना या संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट करना नहीं है। उन्होंने कहा, विपक्ष को पॉलिटिक्स ऑफ डिसरप्शन छोड़कर जनमत का सम्मान करना सीखना चाहिए। देश के विकास में बाधा डालना किसी को भी पसंद नहीं आएगा।

कांग्रेस के तीन अक्षम्य अपराध

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी के इतिहास के तीन काले अध्यायों को याद दिलाया:

  1. 1975 की इमरजेंसी: इंदिरा गांधी द्वारा लोकतंत्र की हत्या।
  2. 1984 का सिख नरसंहार: कांग्रेस के संरक्षण में हुआ दंगा।
  3. 1990 का रामभक्त हत्याकांड: कारसेवकों पर गोलियां चलवाने वालों को समर्थन देना।

चुनाव आयोग पर दोहरे मापदंड का आरोप

रक्षामंत्री ने इतिहास का हवाला देते हुए कांग्रेस को आईना दिखाया। उन्होंने बताया कि कैसे कांग्रेस के शासन में चुनाव आयोग को प्रभावित किया गया था। उन्होंने एम.एस. गिल का उदाहरण दिया, जो पूर्व चुनाव आयुक्त थे और बाद में कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री बने। साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि 1993 से पहले बिना वोटर आईडी कार्ड के चुनाव होते थे, जिससे फर्जीवाड़े की पूरी गुंजाइश रहती थी।

समाधान: संवाद, न कि टकराव

अंत में राजनाथ सिंह ने विपक्ष को राष्ट्र निर्माण का मार्ग चुनने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का भविष्य किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है। टकराव की राजनीति करने के बजाय, विपक्ष को अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सर्वोच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणियां भी कानून का सम्मान करने की दिशा में एक इशारा हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च पर बवाल: प्रदर्शनकारी जुटे, धारा 163 के साये में भारी पुलिस बल तैनात

Story 1

केंद्रीय कर्मचारियों की दिवाली बनी मंगलमय: सरकार ने दिया 6,908 रुपये का बोनस

Story 1

हॉलीवुड एक्टर्स पर भारी विद्युत जामवाल का जलवा, क्या स्ट्रीट फाइटर बॉक्स ऑफिस पर रचेगी इतिहास?

Story 1

तिरंगे का अपमान पड़ा सकता है भारी: दिल्ली पुलिस ने जारी की नियमों की गाइडलाइन, जानें क्या है कानून

Story 1

पूनम राउत ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा, 2017 वर्ल्ड कप की यादें रहेंगी अमर

Story 1

यमन का राष्ट्रपति भवन दहला: हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले में 5 की मौत, सरकार ने किया बड़ा पलटवार

Story 1

‘सोनम को भी हो फांसी...’: मेरठ हत्याकांड के फैसले के बाद राजा रघुवंशी की मां की न्याय के लिए दहाड़

Story 1

दिल्ली: पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर NSUI का जोरदार हंगामा, विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में

Story 1

अमेरिका-पाकिस्तान युद्ध पर मदन राठौड़ का विवादित बयान: कहा- भारत खड़ा होगा पाकिस्तान के साथ , सियासी गलियारों में मचा बवाल

Story 1

टोल वसूली करने वाले को ट्रक ड्राइवर ने सिखाया सबक, वीडियो देख लोग बोले- बिल्कुल सही किया