चुनाव आयोग पर सियासी घमासान: पीयूष गोयल ने राहुल गांधी से पूछे 10 तीखे सवाल
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दिल्ली: देश के चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जोरदार पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और जदयू नेता ललन सिंह ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष को घेरा है।

पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें सबसे बड़ा रेड फ्लैग करार दिया। गोयल ने कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो उसे सब कुछ ठीक लगता है, लेकिन हार मिलते ही वह चुनाव आयोग और प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी कि यदि उनके पास चुनावी अनियमितताओं के ठोस सबूत हैं, तो वे उसे चुनाव आयोग या कोर्ट के सामने पेश करें।

गोयल द्वारा पूछे गए 10 अहम सवाल पीयूष गोयल ने कांग्रेस से दोहरे मापदंडों पर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि बिहार और तमिलनाडु में मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया का जो दल पहले समर्थन कर रहे थे, वे अब इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? गोयल ने यह भी पूछा कि जिन राज्यों में कांग्रेस या उसके सहयोगी सत्ता में हैं, वहां की चुनावी व्यवस्था पर पार्टी का क्या रुख है? विपक्षी दल को हलफनामा देकर साक्ष्य पेश करने की मांग की गई है।

इतिहास की याद दिला कांग्रेस को घेरा पीयूष गोयल ने कांग्रेस के शासनकाल की याद दिलाते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों टी.एन. शेषन, एम.एस. गिल और नवीन चावला की नियुक्तियों का जिक्र किया। उन्होंने तर्क दिया कि जिन अधिकारियों को कांग्रेस ने संवैधानिक पद दिए, बाद में उन्हें राजनीतिक लाभ पहुँचाया गया। गोयल ने कहा कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले अपने पुराने फैसलों और नियुक्तियों की समीक्षा करनी चाहिए।

ललन सिंह का परिवारवाद पर हमला जदयू नेता ललन सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में संविधान सर्वोच्च है, कोई राजनीतिक परिवार नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचा रही है। ललन सिंह ने कांग्रेस को नसीहत दी कि वे संस्थानों को दोष देने के बजाय जनता के बीच जाकर काम करें और अपना जनाधार मजबूत करने पर ध्यान दें।

विपक्ष की रणनीति पर सवाल भाजपा और एनडीए नेताओं का स्पष्ट मानना है कि कांग्रेस अपनी हार की हताशा को छुपाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बीजेपी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह चुनावी प्रक्रिया से जुड़े इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करती है और विपक्ष की हवा-हवाई राजनीति को चुनावी मुद्दों के जरिए जनता के बीच उजागर करेगी।

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