भोपाल: दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले मध्यप्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य के श्योपुर, मुरैना और भिंड जिलों में पुलिस ने दर्जनों कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों और दफ्तरों से हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई उन्हें दिल्ली जाने से रोकने के लिए की गई है।
क्या है पूरा मामला? विपक्ष ने आज दिल्ली में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन बुलाया है। कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है और उन पर वोट चोरी का आरोप लगा रही है। इसी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मध्यप्रदेश के कांग्रेसी नेता दिल्ली रवाना हो रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया।
श्योपुर में नेताओं की गिरफ्तारी श्योपुर में पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष मांगीलाल फौजी को उनके घर से हिरासत में लिया। इसके अलावा बड़ौदा ब्लॉक अध्यक्ष मुरारीलाल प्रजापति, उपाध्यक्ष रितेश तोमर, किसान कांग्रेस सचिव इंसाफ खान और रमन शर्मा को भी पुलिस ने नजरबंद कर दिया। धोड़हर में ब्लॉक अध्यक्ष दीपक राजावत को भी गिरफ्तार किया गया।
मुरैना और भिंड में भी सख्ती मुरैना और भिंड में भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। मुरैना ग्रामीण कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मधुरज सिंह तोमर और भिंड शहर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया को राजधानी रवाना होने से रोकने के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया। क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर भारी रोष है।
जीतू पटवारी का सीएम मोहन पर हमला मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सिर्फ मोदी ही नहीं, मोहन भी सत्ता से डरे हुए हैं।” पटवारी ने आरोप लगाया कि मोहन यादव सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकार छीन रही है।
लोकतंत्र पर हमला: कांग्रेस कांग्रेस नेताओं ने इस पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह अलोकतांत्रिक करार दिया है। पार्टी का कहना है कि वे एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, जिसे रोकने का सरकार के पास कोई कानूनी अधिकार नहीं है। फिलहाल, हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
*MP police arrests Congress Leaders in Madhya Pradesh, before they could reach Delhi, to protest against the ECI and Gyanesh Kumar.
— Kamru Choudhury (@Kamru_Choudhury) October 12, 2026
Why not declare an emergency instead ? pic.twitter.com/Vht0Hc33P3
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