वाशिंगटन: वर्ष 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा के बाद से वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पुरस्कार विजेता नावी पिल्लई को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने पिल्लई की आलोचना करते हुए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) पर कड़े प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।
ट्रंप ने अपने पूर्व महाभियोग वकील डेविड शॉन की एक सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट कर नावी पिल्लई पर निशाना साधा। इस पोस्ट में पिल्लई को अमेरिका और इजरायल का कट्टर विरोधी करार दिया गया। शॉन ने आरोप लगाया कि नोबेल समिति ने पिल्लई को चुनकर पुरस्कार की गरिमा को कम किया है और उन्हें पुरस्कृत कर हमास जैसी ताकतों को बढ़ावा दिया है। ट्रंप का यह रुख नोबेल पुरस्कार न मिलने के बाद उनकी हताशा को भी दर्शाता है।
नोबेल पुरस्कार की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने ICC पर नए प्रतिबंधों की घोषणा कर दी। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन अपने नागरिकों और अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय अदालतों की अनुचित कार्रवाई से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य ICC के कामकाज को सीमित करना है, ताकि अमेरिकी संप्रभुता को चुनौती न दी जा सके।
अमेरिका की इस नाराजगी की जड़ में इजरायली अधिकारियों के खिलाफ ICC द्वारा जारी किए गए वारंट हैं। वाशिंगटन का मानना है कि ICC अपनी सीमाओं का अतिक्रमण कर रहा है। ट्रंप प्रशासन अब उन कंपनियों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई की तैयारी में है, जो अदालत को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। यह कदम यूरोप के साथ अमेरिका के संबंधों में भी खटास पैदा कर सकता है।
दक्षिण अफ्रीका की रहने वाली भारतीय मूल की नावी पिल्लई एक प्रतिष्ठित न्यायविद हैं। उन्होंने 2003 से 2008 तक ICC के अपील चैंबर में जज के रूप में कार्य किया है। नोबेल समिति ने उन्हें युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूती देने के लिए यह सम्मान दिया है। वहीं, पिल्लई ने ट्रंप की आलोचना पर मजाकिया लहजे में कहा कि मैं यह पुरस्कार ट्रंप के साथ शेयर करने को तैयार हूं, जिसने विवाद को और हवा दी है।
यह पूरा घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय न्याय प्रणाली और राष्ट्रीय हितों के बीच जारी संघर्ष को दर्शाता है। जहाँ नोबेल समिति ने पिल्लई को सम्मानित कर अंतरराष्ट्रीय कानून की सर्वोच्चता को रेखांकित किया है, वहीं अमेरिका का कड़ा रवैया यह स्पष्ट करता है कि वह अपनी संप्रभुता के मामलों में बाहरी न्यायिक हस्तक्षेप को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
TRUMP: Reposts Schoenlaw criticism of Nobel Committee for awarding Peace Prize to UN s Navi Pillay, accusing her of rewarding Hamas and hostility toward America and Israel pic.twitter.com/8aH1DvgR1R
— Trump Truths (@trumptruthsbot) October 9, 2026
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