नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले जनप्रदर्शन से पहले वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग का समर्थन करते हुए सरकार और प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दलों पर सीधे निशाने साधे हैं।
सरकार डरी हुई है, परिवहन व्यवस्था ठप प्रकाश आंबेडकर ने एक वीडियो संदेश जारी कर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस प्रदर्शन से पूरी तरह घबरा गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है और वाहनों की सघन चेकिंग हो रही है। उनके अनुसार, यह सरकार की डरपोक मानसिकता को दर्शाता है।
CJP और कांग्रेस पर दबाने की राजनीति का आरोप आंबेडकर ने चौकाने वाला दावा करते हुए कहा कि जिस तरह सरकार प्रदर्शन को कुचलना चाहती है, उसी तरह CJP और कांग्रेस भी खुद को दबाने की राजनीति में शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संगठनों ने दलित, आदिवासी और ओबीसी समाज के नेताओं को इस बड़े आंदोलन से जानबूझकर दूर रखा है और उन्हें न्यौता तक नहीं दिया है।
दिल्ली में 50 हजार आरएसएस-बीजेपी के गुंडे तैनात VBA प्रमुख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय के इशारे पर 50 हजार से अधिक आरएसएस और बीजेपी समर्थित लोगों को दिल्ली बुलाया गया है। उनका आरोप है कि ये लोग 10 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने और हिंसा भड़काने की तैयारी में हैं। उन्होंने इसे हिटलरशाही करार दिया।
देश में सिविल वॉर जैसी स्थिति आंबेडकर ने चेतावनी दी कि शासन-प्रशासन द्वारा प्रदर्शनकारियों को डराने और पुलिस द्वारा अभिभावकों को धमकाने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि 10 अक्टूबर के बाद देश में सिविल वॉर (गृहयुद्ध) जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
सरकार से संयम की अपील प्रकाश आंबेडकर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि विरोध करना हर दल का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह हिंसा, लाठीचार्ज या गोलीबारी जैसी घटनाओं को बढ़ावा देने के बजाय शांति बनाए रखे।
यह प्रदर्शन मतदाता सूची में कथित धांधली और अन्य मुद्दों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच कल का दिन किस तरह का रुख अपनाता है।
10 अक्टूबर का जनप्रदर्शन - दोनों पक्षों की ‘दबाने’ की राजनीति!
— Prakash Ambedkar (@Prksh_Ambedkar) October 9, 2026
कल, 10 अक्टूबर को, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP और कांग्रेस की ओर से एक जनप्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। यह मांग मतदाता सूची में बदलाव और SIR के… pic.twitter.com/h5UoKZh8ce
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