नई दिल्ली में आयोजित कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में आ रहे बड़े बदलावों पर स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया अब तेजी से एक ऐसी बहुध्रुवीय (Multipolar) व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां अब केवल एक या दो शक्तियों का दबदबा नहीं रहेगा।
बदल गई वैश्विक व्यवस्था की ज्यामिति जयशंकर ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति की संरचना और इसकी ज्यामिति पूरी तरह बदल चुकी है। यह बदलाव केवल सतही नहीं है, बल्कि दुनिया को काम करने के नए तौर-तरीके अपनाने पर मजबूर कर रहा है। आने वाला समय पुरानी व्यवस्थाओं से काफी अलग होगा।
ग्लोबल साउथ: 4F की चिंताएं विदेश मंत्री ने ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के सामने खड़े सबसे बड़े संकटों को 4F के रूप में परिभाषित किया— फूड (भोजन), फ्यूल (ईंधन), फर्टिलाइजर (उर्वरक) और फाइनेंस (वित्त)। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि इन तमाम देशों की आवाज उठा रहे हैं, जो इन चार मोर्चों पर भारी दबाव महसूस कर रहे हैं।
भारत ने कैसे झेला ईंधन का झटका? ईंधन और उर्वरक की बढ़ती लागत का असर भारत पर भी पड़ा है। हालांकि, जयशंकर ने बताया कि भारत ने कूटनीतिक सूझबूझ से उन स्रोतों को सुलभ बनाया और बढ़ी हुई लागतों को खुद अबसोर्ब (अवशोषित) किया ताकि आम जनता पर बोझ कम हो सके। यह भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता का ही एक हिस्सा है।
चीन का उभार और नई मजबूरियां चीन के तेजी से बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि इसने दुनिया के सामने नई मजबूरियां पैदा की हैं। प्रमुख शक्तियों के बीच बदलते इन समीकरणों ने अन्य देशों को अपनी प्राथमिकताएं दोबारा तय करने के लिए मजबूर कर दिया है।
भारत की भूमिका और भविष्य कॉन्क्लेव का विषय बदलाव के दौर में मजबूती और लचीलापन (Resilience in an Age of Flux) रखा गया है। मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर बढ़ते दबाव के बीच, भारत खुद को एक ऐसे वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर रहा है, जो न केवल अपने हित सुरक्षित रख रहा है, बल्कि विकासशील दुनिया के हितों का प्रतिनिधित्व भी कर रहा है।
#WATCH | Delhi: At the Kautilya Conclave, External Affairs Minister Dr S. Jaishankar says, If you look at the 4Fs: food, fuel, fertiliser, finance. These were much more the concerns of many Global South countries. For us, the cost of fuel has gone up. We have absorbed it...we… pic.twitter.com/8JHN6rKsxp
— ANI (@ANI) October 5, 2026
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