जंतर-मंतर प्रदर्शन: महिला पुलिसकर्मियों पर कथित हमले के बाद सरकार के सलाहकार ने मीडिया से पूछे तीखे सवाल
News Image

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। अब विवाद केवल प्रदर्शनकारियों बनाम पुलिस का नहीं, बल्कि आरोपों के कवरेज पर भी छिड़ गया है।

सरकार के सलाहकार का सीधा हमला सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों को प्राइम टाइम और अखबारों में जगह मिल रही है, तो महिला पुलिसकर्मियों द्वारा लगाए गए आरोपों को भी समान महत्व क्यों नहीं दिया जा रहा?

कपड़े छीने और नोचा : महिला पुलिसकर्मियों का खौफनाक अनुभव सामने आए एक कथित वीडियो में ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने अपने साथ हुई बदसलूकी का ब्योरा दिया है। एक महिला कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि एक प्रदर्शनकारी उसे जबरन अकेले में खींचकर ले जाने की कोशिश कर रहा था। दूसरी पुलिसकर्मी ने आरोप लगाया कि उनके कपड़े छीनने की कोशिश की गई और एक कांस्टेबल के हाथ की खाल तक नोच ली गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

पुलिस का पक्ष: हिंसा और 15 घायल रविवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस का दावा है कि उनके करीब 15 कर्मी घायल हुए। इनमें कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिन्हें प्रदर्शनकारियों द्वारा काटने और गंभीर चोटें पहुँचाने की खबरें हैं। स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने करीब 110 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।

दोतरफा जांच का घेरा यह विवाद तब और बढ़ गया जब 3 अक्टूबर को तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। दिल्ली पुलिस ने इन शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

कानूनी कार्रवाई जारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस पहले ही तीन एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इन पर सरकारी आदेश की अवहेलना और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को काम करने से रोकने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। कंचन गुप्ता के इस हस्तक्षेप ने अब इस बहस को जन्म दे दिया है कि क्या मीडिया कवरेज में एकतरफा नैरेटिव सेट किया जा रहा है, या फिर दोनों पक्षों की पीड़ा को समान धरातल पर रखा जाना चाहिए।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

इंडिगो का बड़ा झटका: 6 अक्टूबर से महंगा होगा हवाई सफर, जानिए क्या है नई कीमतें

Story 1

2027 वर्ल्ड कप से पहले वेस्टइंडीज फतह को तैयार टीम इंडिया! दौरे का पूरा खाका तैयार

Story 1

वियतनाम में भारतीयों पर नस्लवादी टिप्पणी करना कनाडाई यूट्यूबर को पड़ा भारी, वीडियो में पड़ा जोरदार थप्पड़

Story 1

राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट की दो टूक: अहंकार की सही जगह जेल है , अब सिर्फ 24 घंटे का वक्त

Story 1

टैटू बना पहचान का जरिया: 35 साल बाद घर लौटी महिला, लेकिन अधूरा रहा अपनों से मिलन

Story 1

नोएडा के पॉश मॉल में लेडी चोर का हाई-प्रोफाइल ड्रामा: महंगे कपड़ों में आती थी और घी-तेल चुराकर रफूचक्कर हो जाती थी

Story 1

मतदाता सूची से नाम हटाने पर पूर्व SC जज नरीमन का बड़ा हमला, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

Story 1

भारत बनाम वेस्टइंडीज: टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में बड़ा बदलाव, श्रेयस अय्यर संभालेंगे कप्तानी

Story 1

जंतर-मंतर प्रदर्शन: महिला पुलिसकर्मियों पर कथित हमले के बाद सरकार के सलाहकार ने मीडिया से पूछे तीखे सवाल

Story 1

बिहार MLC चुनाव: नीरज कुमार की राह में अनंत मुश्किलें, फिर भी NDA का दावा- जीतेंगे सभी 8 सीटें