स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर सोमवार को भारत पहुंचे। अपनी यात्रा की शुरुआत उन्होंने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित कर की। इसके बाद नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया गया।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित साझेदारी राष्ट्रपति पार्मेलिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। चर्चा के दौरान पार्मेलिन ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, भरोसे और आपसी सम्मान की गहरी नींव पर टिके हैं। उन्होंने इस दौरे को दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का एक स्वर्णिम अवसर बताया।
TEPA का एक साल और भविष्य की राह इस यात्रा का एक बड़ा आकर्षण भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच हुए व्यापार समझौते TEPA की पहली वर्षगांठ है। 1 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ यह समझौता भारत, स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन और नॉर्वे के बीच आर्थिक संबंधों की नई शुरुआत है। पार्मेलिन ने कहा कि यह समय न केवल अब तक की उपलब्धियों का आकलन करने का है, बल्कि साझा भविष्य की रूपरेखा तैयार करने का भी है।
विदेश मंत्री जयशंकर से हुई चर्चा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात की। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत-EFTA व्यापारिक साझेदारी को लेकर भारत बेहद उत्साहित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति पार्मेलिन के बीच हुई यह बातचीत आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
इन प्रमुख क्षेत्रों पर टिकी नजरें इस दौरे का मुख्य केंद्र व्यापार, निवेश, विज्ञान और तकनीक है। कुशल कामगारों की आवाजाही को सरल बनाना भी वार्ता के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। पार्मेलिन के साथ आए उच्च-स्तरीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल से उम्मीद है कि 7 अक्टूबर को होने वाले भारत-EFTA समृद्धि शिखर सम्मेलन में कई नए निवेश समझौतों पर मुहर लग सकती है।
सामरिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है स्विट्जरलैंड? विदेश मंत्रालय के अनुसार, EFTA देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक और निवेश साझेदार है। राष्ट्रपति पार्मेलिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे, जो उनके सम्मान में भोज का आयोजन करेंगी। यह दौरा स्पष्ट करता है कि भारत और स्विट्जरलैंड अब केवल पुराने साझेदार नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक और आर्थिक विकास में एक-दूसरे के रणनीतिक साथी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
India, Switzerland building trusted supply chains for the world, India has sought more market access in Swiss markets, says PM Modi pic.twitter.com/3d9zlPKklH
— Sidhant Sibal (@sidhant) October 5, 2026
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