मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच केश्म द्वीप (Qeshm Island) से आई एक खबर ने अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान ने अपनी मिसाइल सिटी कहे जाने वाले इस क्षेत्र से सतह से हवा में मार करने वाली सैय्यद-3 (Sayyad-3) मिसाइल दागी है।
क्या अमेरिकी जेट बना निशाना? स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मिसाइल दागने से ठीक कुछ मिनट पहले केश्म द्वीप के ऊपर अमेरिकी नौसेना के फाइटर जेट देखे गए थे। ईरान ने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट कर किसी एरियल थ्रेट को मार गिराने का दावा किया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं हुई है कि निशाना कोई विमान था या ड्रोन, लेकिन इस घटना ने युद्ध के समीकरण बदल दिए हैं।
ईरान का खुर्दाद-15 सिस्टम है खतरनाक यह मिसाइल ईरान के स्वदेशी खुर्दाद-15 (Khordad-15) एयर डिफेंस सिस्टम से दागी गई। ईरान के अनुसार, यह सिस्टम 150 किलोमीटर दूर से लक्ष्यों का पता लगाने और एक साथ 6 लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता 120 किलोमीटर है और यह 27 किलोमीटर की ऊंचाई तक हमला कर सकता है। युद्ध के दौरान अब तक ईरान ने इन लंबी दूरी की प्रणालियों का इस्तेमाल कम ही किया था, जिससे इस मिसाइल का चलना एक रणनीतिक संकेत माना जा रहा है।
साफ है ईरान अपनी ताकत दोबारा जुटा रहा है विशेषज्ञों का मानना है कि इस फायरिंग से संकेत मिलता है कि युद्ध में शुरुआती झटकों के बावजूद, ईरान ने अपनी लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली के अहम हिस्सों को फिर से सक्रिय और तैनात कर लिया है। अब तक ईरान मुख्य रूप से कम दूरी वाले हथियारों और MANPADS पर निर्भर था, लेकिन यह कदम बताता है कि तेहरान अब अपनी उन्नत रक्षा प्रणाली को फिर से जंग के मैदान में उतार चुका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता समुद्री खतरा उधर, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भी तनाव चरम पर है। दावों के मुताबिक, ईरान इस क्षेत्र में नौ जहाजों को निशाना बनाने की क्षमता रखता है। वर्तमान में होर्मुज में एक जहाज के निष्क्रिय होने की खबर है, जिसने वैश्विक समुद्री सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर हड़कंप मचा दिया है। यदि ईरान इसी तरह अमेरिकी हवाई सुरक्षा घेरे को चुनौती देता रहा, तो भविष्य में यह युद्ध और अधिक विनाशकारी रूप ले सकता है।
IRGC has launched a domestically built Sayyad-3 surface-to-air missile from a Khordad air-defense system, possibly targeting a fighter jet or drone over Qeshm Island.
— Current Report (@Currentreport1) October 3, 2026
Iran has rarely used these systems during the war, so the launch could be significant.
It may indicate that… pic.twitter.com/YhiZyxFOln
135 साल पुरानी लाइब्रेरी पर सेंट्रल विस्टा का संकट: अब सुप्रीम कोर्ट करेगा भविष्य का फैसला
यूपी चुनाव 2027: अखिलेश यादव का सीट नहीं जीत फॉर्मूला, गठबंधन में खींचतान के बीच दिया बड़ा संदेश
जेब में फूटी कौड़ी भी नहीं, फिर मुंबई क्यों भागे थे अनिल अग्रवाल? वेदांता चेयरमैन ने खोला राज
कोहली बनने की कोशिश में फंसे अयूब: वैभव को चिढ़ाने पर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने लगाई लताड़
ओखला लैंडफिल की आखिरी तस्वीर : 2026 तक दिल्ली के कूड़े के पहाड़ का होगा अंत
34 हजार फीट की ऊंचाई पर खौफनाक साजिश: जब को-पायलट ने कुल्हाड़ी से किया कैप्टन पर जानलेवा हमला
रोहित-विराट का जलवा अब एक महीने बाद: फैंस को 4 नवंबर का है बेसब्री से इंतजार
कोलकाता में ब्राजील का जलवा: फ्रेंडली फुटबॉल मैच में भारत को 4-0 से मिली हार
एशियन गेम्स 2026: भारत का ऐतिहासिक सुपर सैटरडे , क्रिकेट में पाक को धोया और हॉकी में रचा इतिहास
ईरानी कप 2026: मुकेश-आकाशदीप की घातक गेंदबाजी के आगे घुटने टेकने पर मजबूर हुआ जम्मू-कश्मीर, शेष भारत बना चैंपियन