नई दिल्ली। क्या होगा अगर आपके सामने बैठा व्यक्ति या स्क्रीन पर दिख रहा इंसान असल में कोई इंसान न होकर एक एडवांस AI मॉडल हो? सैन फ्रांसिस्को की टेक कंपनी Tavus ने Griffin नाम का एक ऐसा AI मॉडल पेश किया है, जो किसी भी इंसान को चकमा दे सकता है। यह सिर्फ जवाब नहीं देता, बल्कि चेहरे के भाव और बॉडी लैंग्वेज के साथ बिल्कुल इंसानी अंदाज में बात करता है।
इंसानों जैसी खूबियां, पहचानना नामुमकिन Griffin को दुनिया का पहला ह्यूमन इंटरेक्शन मॉडल (HIM) कहा जा रहा है। यह आम चैटबॉट्स की तरह केवल टेक्स्ट या आवाज पर निर्भर नहीं है। यह आपकी बातों को सुनता है, आपके चेहरे के एक्सप्रेशन्स और हाथों के इशारों को समझता है और उसी के अनुसार तुरंत प्रतिक्रिया देता है। बातचीत के दौरान यह बीच में टोक भी सकता है और इंसानों की तरह हंस भी सकता है।
ट्यूरिंग टेस्ट में कमाल का प्रदर्शन कंपनी के दावे के मुताबिक, Griffin ने वीडियो ट्यूरिंग टेस्ट को पास कर लिया है। एक लाइव टेस्ट के दौरान 48% लोगों को यह पता ही नहीं चला कि वे किसी मशीन से बात कर रहे हैं और उन्हें लगा कि वे किसी असली इंसान से मुखातिब हैं। NVIDIA के VideoFDB बेंचमार्क पर इसने 5 में से 3.83 का स्कोर हासिल किया है, जो वास्तविक इंसानों के 3.92 स्कोर के काफी करीब है।
कैसे काम करता है Griffin? यह सिस्टम लगातार वीडियो और ऑडियो सिग्नल्स को प्रोसेस करता है। Tavus की पुरानी रिसर्च—वीडियो जनरेशन, स्पीच रिकग्निशन और बातचीत के संदर्भ को समझने की क्षमता—को मिलाकर इसे तैयार किया गया है। यह आवाज के लहजे, बातचीत में आने वाले ठहराव और चेहरे के सूक्ष्म बदलावों को हूबहू कॉपी करने में सक्षम है, जिससे संवाद बिल्कुल नेचुरल लगता है।
कहां होगा इसका इस्तेमाल? कंपनी का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में बहुत काम आएगी। इसका उपयोग मॉक इंटरव्यू की तैयारी, पर्सनल ट्यूटरिंग (निजी शिक्षण) और हाई-लेवल कस्टमर सपोर्ट के लिए किया जा सकता है। इसमें यूजर को कोई तकनीकी कमांड देने की जरूरत नहीं होती; बस एक आम इंसान की तरह बात करनी होती है।
अभी आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं फिलहाल, Tavus ने इसे सार्वजनिक रूप से रिलीज नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि सुरक्षा और दुरुपयोग को रोकने के लिए वे अभी इसके सेफ्टी फीचर्स और डिस्क्लोजर प्रोटोकॉल पर काम कर रहे हैं। अभी केवल चुनिंदा डेवलपर्स और टेस्टर्स को ही इसके Griffin-Lite वर्जन का अर्ली एक्सेस दिया गया है।
सावधानी की जरूरत भले ही तकनीक का यह स्तर रोमांचक है, लेकिन यह डिजिटल धोखाधड़ी की नई संभावनाएं भी खोलता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि भविष्य में वीडियो कॉल पर किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।
⚛ विज्ञान और प्रौद्योगिकी
Introducing Griffin, the first model to pass the video Turing test.
— Tavus (@tavus) October 1, 2026
48% of people who talked to it live thought it was a real human. Previous systems have had a pass rate <3%. It is #1 on NVIDIA s benchmark for full-duplex AI video.
It’s the first Human Interaction Model (HIM). pic.twitter.com/eb11XbC8Xr
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