सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, दिल्ली से मुंबई तक कड़ी सुरक्षा
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मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर उपजे विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है।

दिल्ली में जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बंदोबस्त राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई है और जंतर-मंतर रोड को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू की गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियों को 3,000 से 4,000 लोगों के जुटने की आशंका है, जिसके चलते किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

इस्तीफे की मांग और महाभियोग का दबाव यह प्रदर्शन मुख्य रूप से मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के कारण हो रहा है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा), राज्यसभा सांसद मनोज झा और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग सीईसी ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाकर उन्हें पद से हटाना है।

राजनीतिक दलों का समर्थन आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि आज मताधिकार की रक्षा नहीं की गई, तो भविष्य में अन्य अधिकार भी खतरे में पड़ सकते हैं। भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्य भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।

मुंबई में जेल भरो की चेतावनी मुंबई में स्थिति अधिक तनावपूर्ण बनी हुई है। शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की योजना बना रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को पुलिस से अनुमति नहीं मिली है। पुलिस ने 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए भीड़ जमा करने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद, सीजेपी नेताओं ने ऐलान किया है कि वे प्रदर्शन जरूर करेंगे और अब उन्होंने जेल भरो आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ाने की चेतावनी दी है।

आयोजकों का रुख आयोजकों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को समय और कार्यक्रम की पूरी जानकारी दे दी थी। उनका आरोप है कि निर्वाचन आयोग की वर्तमान नीतियां आम नागरिकों के मताधिकार पर सवाल उठा रही हैं। फिलहाल, दिल्ली और मुंबई के संवेदनशील इलाकों में पुलिस अलर्ट पर है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद हैं।

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