जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान: दिल्ली में सुरक्षा का अभेद्य घेरा, 11 मेट्रो स्टेशन बंद
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नई दिल्ली: गांधी जयंती के अवसर पर छात्र संगठनों द्वारा जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए इस प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी है, बावजूद इसके पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

11 मेट्रो स्टेशनों पर ताला

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा के लिहाज से 11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। प्रभावित स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली स्टेशन शामिल हैं। हालांकि, इन प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी।

नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू

प्रशासन ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत किसी भी तरह के जमावड़े या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

4,000 जवान तैनात, किले में तब्दील इलाका

पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा का भारी बंदोबस्त किया है। करीब 4,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 20 कंपनियां भी शामिल हैं। संसद मार्ग समेत कई महत्वपूर्ण रास्तों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है ताकि प्रदर्शनकारियों को लुटियन दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में प्रवेश करने से रोका जा सके।

पुरानी गलतियों से सबक: खाने-पीने पर सख्ती

जुलाई में हुए पिछले प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा खामियों को देखते हुए इस बार पुलिस ने खाद्य सामग्री की आपूर्ति पर भी नजर रखी है। अधिकारियों का मानना है कि पिछली बार जंतर-मंतर पर मुफ्त भोजन और पानी उपलब्ध होने के कारण लोग लंबे समय तक डटे रहे, जिससे असामाजिक तत्वों को मौका मिला। इस बार ऐसी किसी भी व्यवस्था को अनुमति नहीं दी जा रही है।

हिंसा रोकने के लिए विशेष तैयारियां

पुलिस ने इस बार टूटी हुई दीवारों और फुटपाथों की मरम्मत सुनिश्चित की है, ताकि पथराव की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, पुलिसकर्मियों को भीड़ को उकसाने वाले वीडियो बनाने वालों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा, यदि भीड़ अनियंत्रित होती है, तो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए शहर के कुछ स्टेडियमों को अस्थायी जेल के रूप में उपयोग करने की भी योजना है।

पुलिस का स्पष्ट कहना है कि बिना अनुमति वाले किसी भी प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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