30 हजार फुट की ऊंचाई पर मौत का तांडव: 5 जांबाजों ने बचाई 180 यात्रियों की जान
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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 के यात्रियों के लिए वह सफर जिंदगी की सबसे डरावनी याद बन गया। 34,000 फीट की ऊंचाई पर विमान अचानक बेकाबू होकर नीचे गिरने लगा। कॉकपिट के अंदर खून से लथपथ कैप्टन था और को-पायलट हमलावर बना हुआ था। इस खौफनाक मंजर के बीच 5 यात्रियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए 180 लोगों की जान बचाई।

कैप्टन स्मित माछर का वह साहसी फैसला भारतीय मूल के मुख्य कैप्टन स्मित माछर पर उनके ओमानी को-पायलट ने अचानक चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। बुरी तरह घायल होने के बावजूद माछर ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने आखिरी दम तक विमान को संभालने की कोशिश की और खुद गिरते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, ताकि यात्री अंदर आकर स्थिति को नियंत्रित कर सकें। प्रधानमंत्री मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें असली हीरो करार दिया है।

प्लंबर ने संभाला विमान का कंट्रोल स्टिक यात्री यानिव हायून, जो पेशे से एक प्लंबर हैं, ने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू किया। जब विमान तेजी से नीचे गोते लगा रहा था, तब हायून ने एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन टीवी शो से मिली जानकारी का उपयोग किया। उन्होंने विमान की कंट्रोल स्टिक (Yoke) को खींचकर विमान को स्थिर किया और उसे क्रैश होने से बचा लिया।

हेडफोन की तारों से बांधा हमलावर विमान में मौजूद बैंक ल्यूमी के सीईओ ज्विका मानेस ने भी बहादुरी की मिसाल पेश की। उन्होंने और अन्य यात्रियों ने मिलकर हमलावर को दबोचा। उसे कसकर बांधने के लिए उन्होंने सीट पर लगे मल्टीमीडिया हेडफोन की केबलों का इस्तेमाल किया, ताकि वह दोबारा कोई हरकत न कर सके।

हॉरर फिल्म जैसा खौफनाक मंजर इंश्योरेंस व्यवसायी असफ राजुआन ने बताया कि विमान 90-डिग्री के एंगल पर नीचे गिर रहा था। कॉकपिट का दरवाजा खुला था और अंदर का नजारा किसी हॉरर फिल्म जैसा था। असफ उन पहले लोगों में शामिल थे जिन्होंने कॉकपिट के अंदर जाकर खून से लथपथ स्थिति में भी हमलावर को काबू करने में मदद की।

डेंटिस्ट बने फरिश्ता विमान में सवार डेंटिस्ट शोटा मुसायेव संकट के वक्त फरिश्ता बनकर सामने आए। हमलावर के काबू होने के बाद, मुसायेव ने अपना ध्यान घायल कैप्टन स्मित माछर पर केंद्रित किया। विमान में मौजूद एकमात्र मेडिकल विशेषज्ञ होने के नाते, उन्होंने कैप्टन के घावों को प्राथमिक उपचार देकर उनका खून बहना रोका और उनकी जान बचाई।

इन 5 नायकों की सूझबूझ और एकजुटता के कारण ही विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा जा सका और 180 यात्रियों की जान सुरक्षित रही।

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