कठुआ में शहीद असिस्टेंट कमांडेंट अंकित का पंचतत्व में विलीन, पत्नी और मां की चीख से गूंजा गांव
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अंबेडकरनगर: जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सीआईएसएफ कैंप में हुई गोलीबारी में शहीद हुए असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांव दौलतपुर एकसारा (मठिया) पहुंचा। तिरंगे में लिपटे बेटे को देखते ही घर का माहौल गमगीन हो गया और परिवार में कोहराम मच गया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ छह बहनों के इकलौते भाई अंकित का शव घर पहुंचते ही मां और पत्नी प्रियंका का धैर्य जवाब दे गया। ताबूत से लिपटकर बिलखतीं मां और स्तब्ध खड़ी पत्नी को देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम थीं। अंकित के पिता शिव प्रसाद पांडेय, जो एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, अपने बेटे के अंतिम दर्शन के दौरान पूरी तरह टूट गए।

सीआईएसएफ ने दी अंतिम सलामी अंकित की शहादत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और अंकित को श्रद्धांजलि दी। सीआईएसएफ के जवानों ने उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया और नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

कठुआ कैंप में कैसे गई जान? यह दुखद घटना 29 सितंबर की शाम कठुआ के बसोहली स्थित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के सीआईएसएफ कैंप में हुई। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, कैंप में उपजे किसी विवाद के बाद हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस हमले में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित के अलावा सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह और दो अन्य कांस्टेबलों की भी मौत हो गई। आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

कंपनी कमांडर के रूप में निभाई जिम्मेदारी अंकित कुमार पांडेय सीआईएसएफ में कंपनी कमांडर के पद पर तैनात थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सब-इंस्पेक्टर के रूप में की थी और 2021 में विभागीय परीक्षा पास कर असिस्टेंट कमांडेंट बने थे। करीब एक साल से वह कठुआ में जलविद्युत परियोजना की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे थे।

पूरे इलाके में शोक की लहर कठुआ हादसे में चार सीआईएसएफ कर्मियों की शहादत ने न केवल उनके परिवारों को बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शहीद अंकित का अंतिम संस्कार इब्राहिमपुर क्षेत्र के सहजौरा घाट पर संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

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