आसमान की ऊंचाइयों पर एक बड़ा हादसा टल गया। फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ1073 में जो हुआ, उसने विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉकपिट के भीतर को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर दिया।
क्या हुई थी फ्लाइट में घटना? बुधवार को फ्लाई दुबई के विमान में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ओमान के को-पायलट ने कॉकपिट में मौजूद क्रैश एक्स (Crash Axe) से कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर को-पायलट ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) करने की भी कोशिश की।
कैप्टन की सूझबूझ ने बचाई जान घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने साहस नहीं खोया। उन्होंने न केवल खुद का बचाव किया, बल्कि विमान को सुरक्षित रखा। पहले विमान में आपात स्थिति का कोड Squawk 7700 प्रसारित हुआ और फिर Squawk 7500 (गैरकानूनी हस्तक्षेप) का सिग्नल मिला। अंत में कैप्टन ने विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित रूप से लैंड कराया।
क्या होता है क्रैश एक्स ? फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा बताते हैं कि क्रैश एक्स विमान में रखा एक सुरक्षा उपकरण है। इसका मकसद हमला करना नहीं, बल्कि आपात स्थिति में धातु के पैनल या विमान की संरचना को काटकर रास्ता बनाना या आग के स्रोत तक पहुँचना होता है। इसे कॉकपिट में पायलटों की पहुंच के भीतर रखा जाता है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपयोग हो सके।
सुरक्षा उपकरण बना हथियार क्रैश एक्स को 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद से विशेष रूप से केवल फ्लाइट डेक तक सीमित कर दिया गया था, ताकि इसे किसी गलत मंशा के लिए इस्तेमाल न किया जा सके। दुर्भाग्य से इसी सुरक्षा उपकरण का इस्तेमाल हमला करने में किया गया।
जांच का केंद्र बनी घटना इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस घटना में क्रैश एक्स के इस्तेमाल की पुष्टि की है। घायल कैप्टन मच्छार का इलाज चल रहा है। फिलहाल जांच एजेंसियां इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि आखिर को-पायलट ने विमान को क्रैश करने का प्रयास क्यों किया और कॉकपिट के भीतर सुरक्षा के ये नियम कैसे नाकाम हुए।
उन्होंने अपना खून बहाया ताकि दूसरे लोग सुरक्षित घर पहुँच सकें, कैप्टन स्मिथ🇮🇳
— Yogesh Mishra (@iYogeshMishra) October 1, 2026
प्लेन के बाहर कैप्टन स्मिथ की पहली तस्वीरें। छाती और पेट पर भारी पट्टी बंधी है क्योंकि उन्होंने चाकू से हमला करने वाले को-पायलट का मुकाबला किया था।
डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें नहीं लगा था कि वह बच… pic.twitter.com/hhMOcOk6y5
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