क्या विदेशों में फेल है UPI का जादू? सिंगापुर एयरपोर्ट पर यात्री के साथ हुआ बुरा अनुभव
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भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूपीआई (UPI) आज वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत उम्मीदों से कुछ अलग है। सिंगापुर के मशहूर चांगी हवाई अड्डे पर एक भारतीय यात्री के साथ घटी हालिया घटना ने यूपीआई की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

क्या हुआ चांगी एयरपोर्ट पर? निखिल जॉर्ज नाम के एक यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना कड़वा अनुभव साझा किया। चांगी एयरपोर्ट पर स्थित द कोकोआ ट्रीज स्टोर पर बिल चुकाते वक्त उन्होंने गूगल पे के जरिए क्यूआर कोड स्कैन किया। हालांकि, ट्रांजैक्शन पूरा होने के बजाय ऐप पर बार-बार एक ही एरर मैसेज आने लगा— कन्वर्जन रेट नहीं मिली, कृपया दोबारा स्कैन करें।

कैशियर की चेतावनी थी सही? दिलचस्प बात यह है कि स्टोर के कैशियर ने निखिल को भुगतान करने से पहले ही आगाह कर दिया था कि यहाँ यूपीआई लगभग कभी काम नहीं करता। निखिल ने जब इसे आजमाया, तो कैशियर की बात शत-प्रतिशत सच साबित हुई। इस अनुभव के बाद निखिल ने सलाह दी कि जब तक तकनीक पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाती, विदेश यात्रा के दौरान क्रेडिट या डेबिट कार्ड साथ रखना ही समझदारी है।

सोशल मीडिया पर दो फाड़ हुई राय इस पोस्ट के वायरल होते ही इंटरनेट पर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि श्रीलंका और अन्य देशों में भी उन्हें यूपीआई के साथ ऐसी ही समस्याओं का सामना करना पड़ा है। वहीं, दूसरी ओर कुछ यूजर्स का कहना है कि सिंगापुर के ही कुछ स्टोर और फ्रांस में उन्होंने बिना किसी रुकावट के यूपीआई का उपयोग किया है, जहाँ उन्हें विदेशी मुद्रा शुल्क (forex charges) में भी छूट मिली है।

NIPL ने लिया संज्ञान इस मामले के चर्चा में आते ही एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने भी सक्रियता दिखाई है। उन्होंने निखिल जॉर्ज से संपर्क कर मामले पर विस्तृत फीडबैक मांगा है, ताकि भविष्य में इस तरह की तकनीकी खामियों को दूर किया जा सके।

निष्कर्ष यूपीआई बेशक एक क्रांतिकारी कदम है, लेकिन इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फुल-प्रूफ बनने में अभी समय लगेगा। तकनीकी तालमेल की कमी और कन्वर्जन रेट से जुड़ी परेशानियां फिलहाल इसकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा बनी हुई हैं। यात्रियों के लिए फिलहाल यही बेहतर है कि वे पूरी तरह से यूपीआई पर निर्भर रहने के बजाय बैकअप के तौर पर अन्य पेमेंट विकल्प साथ रखें।

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