वर्दी का सपना और मौत का सन्नाटा: 22 साल की ट्रेनी कांस्टेबल की खुदकुशी से हड़कंप
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कानपुर: यूपी पुलिस में भर्ती होकर खाकी पहनने का सपना संजोने वाली 22 वर्षीय ट्रेनी कांस्टेबल प्रतीक्षा की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। ट्रेनिंग पूरी करने और पहली तैनाती मिलने के बाद घर लौटी प्रतीक्षा ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

खुशियों के बीच पसरा मातम प्रतीक्षा का चयन हाल ही में यूपी पुलिस में हुआ था। कठिन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उसे रायबरेली के मोहनगंज थाने में तैनात किया गया था। ड्यूटी से छोटी छुट्टी लेकर वह कानपुर स्थित अपने घर आई थी। परिवार के साथ हंसी-खुशी समय बिताने के बाद किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी।

कमरे में बंद था रहस्य घर आने के बाद प्रतीक्षा ने परिजनों के साथ बैठकर सामान्य बातचीत की। इसके बाद वह आराम करने के लिए अपने कमरे में चली गई। शाम ढले जब काफी देर तक उसने दरवाजा नहीं खोला, तो परिजनों को चिंता हुई। आवाज देने पर भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, जिससे परिवार की धड़कनें तेज हो गईं।

फंदे पर लटकी मिली बिटिया परिजनों ने किसी तरह कमरे का दरवाजा खोला तो अंदर का मंजर देख उनके होश उड़ गए। प्रतीक्षा का शव पंखे से फंदे के सहारे लटक रहा था। देखते ही देखते घर में चीख-पुकार मच गई। जिस बेटी पर परिवार को गर्व था, उसकी ऐसी विदाई की कल्पना किसी ने नहीं की थी।

जांच में जुटी पुलिस घटनास्थल से अब तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस को यह भी पता नहीं चल सका है कि 22 साल की ऊर्जावान कांस्टेबल ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया। पुलिस अब मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। क्या यह कोई मानसिक दबाव था या कोई अनसुलझा पारिवारिक या पेशेवर मामला? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस अब बारीकी से छानबीन कर रही है।

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