दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत: योगी सरकार बढ़ाएगी पेंशन, जल्द होगा नई राशि का ऐलान
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उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में दिव्यांग पेंशन की राशि में फिर से बढ़ोतरी करने के संकेत दिए हैं। गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अगले चरण की तैयारी कर रही है।

पेंशन का सफर: 300 से 1000 और अब आगे की बारी मुख्यमंत्री ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि पहले दिव्यांगजनों को मात्र 300 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती थी। इसे पहले बढ़ाकर 500 रुपये और फिर 1000 रुपये किया गया था। अब शासन स्तर पर पेंशन राशि को और अधिक बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। हालांकि, नई राशि कितनी होगी, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद है कि इसका ऐलान जल्द किया जाएगा।

हर विधानसभा में पहुंचेंगे शिविर सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने का फैसला किया है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश की हर विधानसभा क्षेत्र में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से जो दिव्यांग अभी तक पेंशन या अन्य सहायता से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें चिन्हित कर सीधे योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

उपकरणों का वितरण और आत्मनिर्भरता गोरखपुर के कार्यक्रम में 509 लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, ई-ट्राइसाइकिल, स्मार्टकेन और ब्रेल किट समेत 664 उपकरण बांटे गए। मुख्यमंत्री का जोर केवल मुफ्त सहायता देने पर ही नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को केवल पेंशन तक सीमित न रखकर उन्हें सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

18 मंडलों में खुलेंगे पुनर्वास केंद्र दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। गोरखपुर में इसकी शुरुआत हो चुकी है। इन केंद्रों में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष थेरेपी, बचपन डे केयर सेंटर और शुरुआती जांच की सुविधा मिलेगी, ताकि उन्हें तकनीकी और शैक्षिक सहायता आसानी से मिल सके।

स्वरोजगार की राह पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, पीएम स्वनिधि, एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) और पीएम विश्वकर्मा से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य साफ है—दिव्यांगजन समाज के मुख्यधारा का हिस्सा बनें और अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनकर अपना जीवन गरिमा के साथ व्यतीत कर सकें।

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