जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सीआईएसएफ (CISF) कैंप के अंदर हुए एक खूनी खेल ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। सेवा-2 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर तैनात हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह ने अपनी ही सर्विस AK-47 से अंधाधुंध गोलियां चलाकर अपने 4 वरिष्ठ और सहकर्मियों की जान ले ली।
क्या है इस हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी? पुलिस जांच में सामने आया है कि इस भीषण हत्याकांड के पीछे कोई बड़ी साजिश नहीं, बल्कि एक पारिवारिक विवाद था। आरोपी अवधेश सिंह और उसकी पत्नी, जो खुद भी सीआईएसएफ में कांस्टेबल है, दोनों एक ही प्रोजेक्ट साइट पर तैनात थे। ड्यूटी शिफ्ट अलग होने के कारण, वे अक्सर अपने बच्चे को बार-बार ड्यूटी साइट या गार्ड क्वार्टर पर लेकर आते थे।
नियमों की अनदेखी बनी जानलेवा यूनिट प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और अनुशासन के चलते दंपत्ति को बच्चे को बार-बार साइट पर न लाने की सख्त चेतावनी दी थी। घटना वाले दिन, जब आरोपी की पत्नी बच्चे को लेकर फिर से गार्ड क्वार्टर पहुंची, तो साथियों ने इसकी शिकायत असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे से कर दी। इस टोका-टाकी से नाराज अवधेश ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया।
ऑफिस में घुसकर बरसाईं गोलियां 29 सितंबर की शाम करीब 6:40 बजे अवधेश सिंह अपनी सरकारी AK-47 राइफल लेकर ऑपरेशंस सेक्शन के कार्यालय में जा धमका। उस दौरान वहां असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे सहित चार अन्य साथी मौजूद थे। अवधेश ने बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उसके पास उस समय 150 राउंड गोलियां मौजूद थीं, जिसने देखते ही देखते कैंप को श्मशान में बदल दिया।
इलाज के दौरान गई जान फायरिंग में गंभीर रूप से घायल असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संजीव कुमार को तुरंत हिमाचल प्रदेश के चंबा स्थित एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी अवधेश सिंह को फौरन हिरासत में ले लिया गया है।
कौन है आरोपी अवधेश सिंह? बिहार निवासी अवधेश सिंह 2009 में सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था। एक अनुशासित बल के सदस्य का इस तरह का हिंसक व्यवहार अब कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है। घटना के बाद सीआईएसएफ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी किसी मानसिक तनाव से गुजर रहा था या यह क्षणिक गुस्से का परिणाम था।
*#WATCH | Kathua, Jammu and Kashmir: Four Central Industrial Security Force (CISF) personnel were shot dead by a 2009-batch Head Constable of the force following a verbal argument among them over an issue at the Sewa-II Hydroelectric Project unit in Kathua. The accused was handed… pic.twitter.com/KGdFKGeCfF
— ANI (@ANI) September 30, 2026
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