ECI पर संग्राम: षड्यंत्रकारियों को जेल भेजना होगा , INDIA गठबंधन की आज दिल्ली में बड़ी बैठक
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नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मचे घमासान के बीच आज विपक्षी दलों का INDIA गठबंधन दिल्ली में एक अहम बैठक कर रहा है। हाल ही में आयोग के कामकाज को लेकर सामने आए विवादों ने विपक्षी नेताओं को लामबंद कर दिया है।

तेजस्वी यादव का तीखा हमला इस बैठक से ठीक पहले राजद नेता तेजस्वी यादव ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में धांधली का गंभीर आरोप लगाते हुए हुंकार भरी कि जितने भी षड्यंत्रकारी हैं, उन्हें जेल भेजना होगा। तेजस्वी का कहना है कि यह लड़ाई महज राजनीतिक नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है।

आयोग के भीतर ही फूट? विपक्ष का मुख्य आधार चुनाव आयोग के दो आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—द्वारा जताई गई आपत्तियां हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन दोनों आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग द्वारा लिए गए कई फैसलों पर असहमति दर्ज कराई है। विपक्षी दल इसे संस्था की कार्यप्रणाली में बड़ी खामी मान रहे हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें (CEC को) बचाने के लिए पहले ही कानून में बदलाव किए गए। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया से मुख्य न्यायाधीश को बाहर करना और मतदान रिकॉर्ड रखने की अवधि को सीमित करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

मतदान प्रतिशत के आंकड़ों पर सवाल तेजस्वी ने एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान खत्म होने के बाद प्रतिशत को अपनी सुविधानुसार घटाया या बढ़ाया जाता है। उन्होंने दावे के साथ कहा कि विपक्ष लंबे समय से इन अनियमितताओं का मुद्दा उठाता रहा है, लेकिन अब सबूतों के साथ इसका खुलासा हो रहा है।

आयोग और सरकार का बचाव वहीं, चुनाव आयोग इन आरोपों को सिरे से खारिज कर चुका है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी कार्य नियमों के दायरे में हैं। सरकार ने भी संसद में तर्क दिया था कि चुनाव याचिकाओं के लिए निर्धारित 45 दिनों की समयसीमा को देखते हुए रिकॉर्ड संरक्षण के नियम पूरी तरह से प्रभावी हैं।

आगे की रणनीति पर मंथन आज की बैठक में INDIA गठबंधन आगामी विधानसभा चुनावों और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी संयुक्त रणनीति को अंतिम रूप देगा। तेजस्वी ने साफ कर दिया है कि जिसे भी लोकतंत्र में भरोसा है, उसे इस मुद्दे पर एकजुट होना ही होगा। अब देखना यह है कि विपक्ष इस विवाद को सड़क से लेकर संसद तक किस रूप में ले जाता है।

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