चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 को लेकर छिड़े विवाद के बीच एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने उन राज्यों से अतिरिक्त घोषणा-पत्र (Annexure-D) को हटा दिया है, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
क्या था विवाद? चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-6 के साथ Annexure-D को अनिवार्य कर दिया था। हालांकि आयोग का दावा था कि उसने मूल फॉर्म में बदलाव नहीं किया है, लेकिन व्यवहार में ECINET पोर्टल पर इसे भरे बिना फॉर्म सबमिट करना नामुमकिन था। इसे लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी काफी मतभेद थे।
क्यों बनी थी परेशानी? इस अतिरिक्त फॉर्म में आवेदकों को अपने माता-पिता या दादा-दादी के रिकॉर्ड और साल 2000 के आसपास के मतदाता सूची के ब्यौरे देने पड़ रहे थे। साथ ही पुराने विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर जैसी जटिल जानकारी भी अनिवार्य थी। इससे विशेषकर 2000 के बाद पैदा हुए युवाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
आयोग के भीतर छिड़ी थी जंग आयोग के दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत वैधानिक फॉर्म में बदलाव का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है और आयोग इसे मनमाने ढंग से अनिवार्य नहीं कर सकता।
किसे मिली राहत? इस फैसले का सबसे ज्यादा लाभ उन युवाओं को मिलेगा जो पहली बार मतदाता बनने जा रहे हैं। इसके अलावा, उन लोगों को भी राहत मिलेगी जिनके नाम पहले मतदाता सूची से कट चुके थे और उन्हें दोबारा पंजीकरण में जटिल दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा था।
क्या पूरी तरह खत्म हो गया Annexure-D? नहीं, यह अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। यह राहत सिर्फ उन राज्यों के लिए है जहां SIR की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। जिन राज्यों में अभी यह प्रक्रिया जारी है, वहां आवेदकों को अब भी इस अतिरिक्त घोषणा-पत्र को भरना होगा।
आयोग ने क्यों लागू किया था यह नियम? चुनाव आयोग का कहना था कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना और फर्जी या अवैध मतदाताओं की घुसपैठ को रोकना था। बहरहाल, बढ़ते सार्वजनिक दबाव और आंतरिक असहमति के बाद आयोग ने इसे चुनिंदा राज्यों से हटाकर बीच का रास्ता निकाला है।
STORY | EC withdraws SIR declaration from Form 6 in states where exercise is over
— Press Trust of India (@PTI_News) September 30, 2026
The Election Commission has withdrawn the additional SIR-related declaration from the online voter enrolment Form 6 in states where the Special Intensive Revision of electoral rolls has been… pic.twitter.com/FiFk75mX36
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