पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की राजनीति में धमाकेदार एंट्री, सिस्टम की खामियों पर उठाए तीखे सवाल
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पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने मंगलवार को राजनीति में कदम रखने का ऐलान कर दिया है। हालांकि उन्होंने अभी किसी राजनीतिक दल का दामन नहीं थामा है, लेकिन उनके तेवर किसी भी अनुभवी नेता से कहीं अधिक आक्रामक हैं। उन्होंने सिस्टम की कार्यप्रणाली और सरकारी कामकाज के तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इरादा हो तो पहाड़ भी दे दे रास्ता दिव्या ने मिर्जापुर के डीएम कार्यकाल का एक भावुक किस्सा साझा किया। एक महिला ने उनसे अपने लिए नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के लिए स्कूल की मांग की थी। स्कूल को तीन साल पहले मंजूरी मिल गई, बावजूद इसके निर्माण आज तक शुरू नहीं हुआ। दिव्या ने तल्ख लहजे में कहा, समस्या नियमों या बजट की नहीं थी, समस्या सिर्फ इरादा न होने की थी। इरादा होता तो पहाड़ भी रास्ता दे देता।

आम आदमी के खून के छींटे नेताओं तक क्यों नहीं पहुंचते? दिव्या ने सड़क के गड्ढों के कारण हो रही मौतों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब आम आदमी सड़क पर गिरकर लहूलुहान होता है, तो उसकी पीड़ा नेताओं के कानों तक क्यों नहीं पहुंचती? उन्होंने युवाओं के दर्द को समझते हुए कहा कि सालों की मेहनत जब पेपर लीक होने के बाद पानी में मिल जाती है, तो सिस्टम पर से भरोसा पूरी तरह उठ जाता है।

ऊपर से मना है वाला सरकारी खेल प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए उन्होंने एक भूमिहीन व्यक्ति का दर्द बयां किया। पट्टे की जमीन के कागज होने के बावजूद उस व्यक्ति को कब्जा नहीं मिल पा रहा था। जब दिव्या ने जांच की, तो अधिकारियों ने दबी जुबान में कहा कि ऊपर से मना किया गया है। दिव्या ने इस पर कड़ा प्रहार करते हुए पूछा कि आखिर संविधान सर्वोपरि है या सत्ता का कोई अदृश्य निर्देश?

जवाबदेही का मांगा हिसाब दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि अब वह केवल फाइलों पर फैसले लेने नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव लाने की बात कर रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें ऐसे गायब स्कूलों और पन्नियों में लिपटे अन्याय का हिसाब चाहिए।

उन्होंने जनता से सीधे संवाद के लिए एक व्हाट्सएप नंबर (9198956957) भी जारी किया है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि वे आने वाले समय में एक जन-आंदोलन या नई राजनीतिक दिशा की नींव रखने की तैयारी में हैं। उनके बयानों ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

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