लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ती अपराध दर को लेकर सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध के डर से महिलाओं को घर में बंद कर देना कोई समाधान नहीं है, बल्कि यह पितृसत्तात्मक मानसिकता का प्रतीक है।
जमुई और दिल्ली की घटनाओं पर चिंता राहुल गांधी ने हाल ही में बिहार के जमुई और दिल्ली में हुई नाबालिग लड़कियों के साथ आपराधिक घटनाओं का हवाला दिया। जमुई में एक स्कूली छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के मामले पर उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी लड़की की आजादी और उसकी पसंद पर नियंत्रण करने का अधिकार किसी पुरुष को किसने दिया। उन्होंने आरोपियों पर पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली में पुलिसकर्मी बनकर दरिंदगी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले तीन लोगों ने उसके साथ यौन हिंसा की। इस घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया, जिसका राहुल गांधी ने समर्थन किया है।
सड़कों को सुरक्षित बनाना पहली प्राथमिकता राहुल गांधी का कहना है कि आज देश की महिलाएं सड़कों पर चलने, उत्पीड़न और बलात्कार के डर से जूझ रही हैं। सरकार और समाज का यह कहना कि लड़कियां घर में रहें , समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि असली जवाब सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाने में छिपा है।
पितृसत्ता और विकृत मानसिकता पर प्रहार उन्होंने कहा कि यह पितृसत्तात्मक व्यवस्था अपराध के लिए अक्सर पीड़ितों को ही दोषी ठहराती है और अपराधियों को संरक्षण देने जैसा व्यवहार करती है। उन्होंने मांग की है कि अपराधियों पर बिना किसी देरी के सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में महिलाओं के प्रति सोच बदली जा सके।
Gen Z और युवाओं से एकजुट होने की अपील राहुल गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरने वाले युवाओं और जेन-जी (Gen Z) के प्रदर्शनों की सराहना की है। उन्होंने युवाओं से कहा है कि वे अपनी आवाज शांतिपूर्ण तरीके से उठाना जारी रखें। प्रदर्शनकारी छात्रों का भी यही मानना है कि बेहतर रोशनी, पुलिस की जवाबदेही और सुरक्षित माहौल ही महिलाओं की आजादी की गारंटी हो सकते हैं, न कि घर के नियम।
*Stop punishing women for the crimes committed against them.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 29, 2026
Across our country, women are afraid to walk the streets, afraid of being harassed, afraid of being raped. And the government’s answer: stay at home.
This is patriarchy at work: a system that blames the victim and… pic.twitter.com/f3lgqB3wQs
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