मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होते ही विवादों के घेरे में आ गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इस योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है।
15 हजार बसों का दावा, धरातल पर महज 351 जीतू पटवारी ने अपने पत्र में सरकार के दावों पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार 15,000 बसों के संचालन का बड़ा सपना दिखा रही है, लेकिन हकीकत में पहले चरण में केवल 351 बसें ही सामने आई हैं। उन्होंने पूछा है कि शुरुआत में ही आंकड़ों का यह भारी अंतर किस आधार पर है।
पुरानी बसों पर भगवा रंग का तंज पटवारी ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कार्यक्रम स्थल पर खड़ी की गई कई बसें नई नहीं, बल्कि पुरानी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बस मालिकों से उनकी पुरानी बसों को बस रंग-रोगन करवाकर भगवा रंग में रंगा गया और उन्हें नई बसों के रूप में पेश किया गया। उन्होंने इन बसों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल उठाए।
इंदौर हादसे से सुरक्षा पर उठे सवाल कांग्रेस अध्यक्ष ने इंदौर में हुए हालिया बस हादसे का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ब्रेक फेल होने जैसी दुर्घटनाएं यह साबित करती हैं कि बसों की फिटनेस की जांच में लापरवाही बरती जा रही है। हालांकि, सरकार का दावा है कि इन बसों में CCTV, पैनिक बटन और लाइव ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
प्रचार पर पानी की तरह पैसा बहाने का आरोप पटवारी ने योजना के प्रचार-प्रसार पर खर्च की गई भारी-भरकम राशि पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि विज्ञापनों और इवेंट्स पर जितना पैसा खर्च किया गया, उससे कई नई बसें खरीदी जा सकती थीं। उन्होंने इस खर्च को जनहित के बजाय सरकारी धन की फिजूलखर्ची करार दिया है।
दोषी अधिकारियों पर FIR की चेतावनी जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि इस कथित फर्जीवाड़े में राज्य सरकार की संलिप्तता नहीं है, तो जिम्मेदार नौकरशाहों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल धोखाधड़ी (420) का मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस जनता के साथ हुए इस कथित धोखे को लेकर खुद पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगी।
बता दें कि 25 सितंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस योजना के तहत 351 बसों को हरी झंडी दिखाई थी, जिसमें 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं।
*मोहन जी,
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) September 28, 2026
यदि आप इस कथित फ्रॉड में संलिप्त नहीं हैं, तो जिम्मेदार नौकरशाहों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाइए।@DrMohanYadav51pic.twitter.com/0MR4cz3KV4
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