ओडिशा वन विभाग ने मानव-हाथी संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए भुवनेश्वर के पास चंडका वाइल्डलाइफ डिवीजन के कुमारखुंटी में एक विशेष कुमकी हाथी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है। यह केंद्र अनाथ, घायल या अपने झुंड से बिछड़े हुए हाथियों को नई दिशा और जीवन देने का काम कर रहा है।
क्या होते हैं कुमकी हाथी? कुमकी हाथी वे प्रशिक्षित हाथी होते हैं जो वन विभाग के अभियानों में एक सहयोगी की भूमिका निभाते हैं। इन्हें इंसानी निर्देशों को मानने, विपरीत परिस्थितियों में शांत रहने और जंगली हाथियों को नियंत्रित करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया जाता है।
अनाथ हाथियों को मिलता है नया जीवन जंगलों में कई बार हाथी के बच्चे अनाथ हो जाते हैं या चोटिल होने के कारण झुंड से अलग हो जाते हैं। वन विभाग ऐसे हाथियों को सुरक्षित रेस्क्यू करके कुमारखुंटी लाता है। यहाँ उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उन्हें इंसानी संपर्क और नियंत्रित व्यवहार के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
संघर्ष कम करने में बड़ी भूमिका ओडिशा के कई इलाकों में अक्सर हाथी रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है। प्रशिक्षित कुमकी हाथी इन अभियानों में ढाल बनते हैं। वे जंगली हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से खदेड़ने और उन्हें सुरक्षित वापस जंगल की ओर मोड़ने में वन विभाग की मदद करते हैं।
प्रशिक्षण में शामिल हैं विशेष गतिविधियां कुमारखुंटी केंद्र में हाथियों को कई चरणों में तैयार किया जाता है। इसमें इंसानों के संकेतों को समझना, अनुशासन में चलना और तनावपूर्ण स्थितियों में संयमित रहना सिखाया जाता है। विशेषज्ञों की देखरेख में उनके स्वास्थ्य, व्यवहार और खान-पान का पूरा ध्यान रखा जाता है।
भविष्य के लिए सुरक्षा का कवच जैसे-जैसे जंगलों के आसपास मानव गतिविधियां बढ़ रही हैं, मानव-हाथी टकराव की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में कुमकी हाथी न केवल वन्यजीव प्रबंधन को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि इंसानों और हाथियों के बीच एक सुरक्षित संतुलन भी कायम कर रहे हैं। वन विभाग का यह प्रयास संरक्षण और सुरक्षा की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
#WATCH | Odisha Forest Department runs the Kumki Elephant Training Centre at Kumarakhunti inside the Chandaka Wildlife Division near Bhubaneswar. The orphaned, injured, or herd-separated young elephants are brought to the training centre. The training helps manage human-elephant… pic.twitter.com/mYw6W34ahQ
— ANI (@ANI) September 28, 2026
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