मुख्य चुनाव आयुक्त के घर पर कालिख: कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, नड्डा ने दी कड़ी चेतावनी
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मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देश भर में सियासी पारा गरमाया हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले में विरोध का नया तरीका अपनाया है, जिससे दिल्ली से लेकर राज्यों तक राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है।

आगरा में प्रदर्शन और वोट चोर का नारा उत्तर प्रदेश के आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनके घर के नेमप्लेट पर स्याही फेंक दी और दीवार पर वोट चोर लिख दिया। यह घटना विपक्ष के बढ़ते आक्रोश को दर्शाती है।

खरगे का बड़ा आरोप: नैतिकता है तो इस्तीफा दें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बेंगलुरु में प्रेस वार्ता करते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि केरल के मुख्य सचिव के बयानों से यह स्पष्ट है कि CEC ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहा था। खरगे ने कहा, यदि ज्ञानेश कुमार में रत्ती भर भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का शीर्ष अधिकारी अब बीजेपी का कार्यकर्ता बनकर विचारधारा का प्रचार कर रहा है।

जेपी नड्डा का पलटवार: अस्थिरता फैलाने की साजिश कांग्रेस के हमलों पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के लिए नया प्रपंच रच रहा है। नड्डा ने कहा, जो ताकतें देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती हैं, उन्हें जनता पहले भी सबक सिखा चुकी है। विपक्ष के हर झूठ की हवा निकल चुकी है।

नड्डा ने राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को न राष्ट्र की सुरक्षा से मतलब है और न देश के मान-सम्मान से, उन्हें केवल परिवारवाद और सत्ता की भूख है।

विवाद की जड़: SIR और चुनाव आयोग की सफाई यह विवाद हाल ही में आई एक मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। इसके बाद 26 सितंबर को आयोग ने एक बैठक के बाद विस्तृत सफाई दी।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब नोटिस प्राप्त लोगों के घर बीएलओ (BLO) खुद दस्तावेज लेने जाएंगे। इसके अलावा, चुनाव ई-नेट (ECINET) की समीक्षा के लिए आईआईटी और आईआईएम के विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाएगा।

संजय राउत का तंज शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी इस पर तंज कसते हुए कहा, क्या चुनाव आयोग ने बीजेपी को अपना वकील नियुक्त किया है? बीजेपी इस मामले में एक पक्ष है क्योंकि उन्हें चुनाव में कथित तौर पर चोरी का सामान (फायदा) मिला है।

फिलहाल, इस राजनीतिक घमासान के कारण चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।

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