चुनाव आयोग पर बड़ा सियासी घमासान: गुलाम नबी आजाद ने उठाए CEC की कार्यप्रणाली पर सवाल
News Image

अनंतनाग: डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने देश के चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर उठने वाली उंगलियां अब पहले से कहीं ज्यादा डरावनी हैं, क्योंकि इस बार सवाल बाहरी नहीं, बल्कि आयोग के भीतर के लोगों ने उठाए हैं।

आंतरिक मतभेद ने सबूत दिए आजाद के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह जताते रहे हैं, लेकिन उनके पास ठोस सबूतों का अभाव था। अब स्थिति बदल गई है। दो चुनाव आयुक्तों ने खुद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के सामने एक दर्जन से ज्यादा बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। यह इस बात का सबूत है कि आयोग के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था।

CEC ने नजरअंदाज की आपत्तियां आزاد ने दावा किया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने बार-बार चिंताओं से अवगत कराया, लेकिन उन्हें दरकिनार कर दिया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन चुनावों में मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर विवाद रहा है, क्या वे चुनाव वैध माने जा सकते हैं? उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में विपक्ष की ओर से दोबारा चुनाव की मांग को सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता।

क्या चुनाव दोबारा होने चाहिए? DPAP प्रमुख ने कहा कि जब तीन सदस्यीय आयोग के दो सदस्य ही प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हों, तो जनता का भरोसा डगमगाना स्वाभाविक है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि यह लोकतंत्र की नींव से जुड़ा विषय है।

आयोग का अपना रुख वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर अपनी सफाई पेश की है। आयोग का कहना है कि अलग-अलग राय रखना एक बहु-सदस्यीय संस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और आयुक्तों द्वारा दी गई टिप्पणियां केवल विचार-विमर्श का एक हिस्सा थीं।

विवाद की जड़ क्या है? यह पूरा विवाद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पैदा हुआ है। खबरों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इनमें मुख्य रूप से मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और डेटा प्रबंधन से जुड़े विवादास्पद फैसले शामिल थे। यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

सुपर संडे का महाधमाका: 27 सितंबर को वनडे क्रिकेट में होगा ट्रिपल एक्शन, देखें पूरा शेड्यूल

Story 1

यूपी में कुदरत का कहर: कहीं ढहे मकान, तो कहीं उफनती नदियां; जानिए राज्य का हाल

Story 1

आतंकवादियों और उनके आकाओं को राजनाथ सिंह की चेतावनी: अब सीमा कोई बाधा नहीं, दुश्मन को उसी की भाषा में जवाब

Story 1

वोट चोरी का आरोप लगाने वालों को ऑल द बेस्ट , SIR विवाद पर हरदीप पुरी का विपक्ष पर तीखा हमला

Story 1

दिल्ली में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका बढ़ा: अब 30 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन

Story 1

SIR पर कांग्रेस का दोहरा रुख: केरल में क्रांतिकारी तो महाराष्ट्र में लोकतंत्र के लिए खतरा ?

Story 1

सपा जॉइन कर ली क्या? गोरखपुर में जलभराव पर भिड़े सांसद रवि किशन और BJP पार्षद

Story 1

बैकडोर NRC है SIR : ओवैसी ने केंद्र पर साधा निशाना, दी ये बड़ी चेतावनी

Story 1

रेगिस्तान में बना तेल का हाईवे: होर्मुज संकट के बीच इराक का प्लान बी

Story 1

चुनाव आयोग में घमासान के बीच मतदाताओं को बड़ी राहत: अब घर बैठे सुलझेंगे चुनावी लिस्ट से जुड़े पेच