दिल्ली में मंथन: पीएम आवास पर मोदी-योगी की मुलाकात, यूपी के सियासी समीकरणों पर चर्चा
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प्रधानमंत्री आवास पर शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई लंबी मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अगले कुछ महीनों में यूपी में कई बड़े चुनाव होने हैं।

चुनावी रणनीति पर गहन मंथन सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मुख्य रूप से यूपी की आगामी चुनावी तैयारियों, राज्यसभा चुनाव और विधान परिषद (MLC) चुनावों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। हालांकि, बैठक का कोई आधिकारिक ब्योरा साझा नहीं किया गया है, लेकिन इसे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

राज्यसभा चुनाव: 10 सीटों पर सबकी नजरें उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। भाजपा के कई वरिष्ठ सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि डॉ. दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद एक सीट पहले ही रिक्त है। चुनाव आयोग के अनुसार, 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। वोटों की गिनती मतदान के दिन यानी 16 अक्टूबर को ही की जाएगी।

एमएलसी चुनाव और बदलते सियासी समीकरण राज्यसभा के साथ-साथ यूपी की 11 विधान परिषद (MLC) सीटों पर भी चुनाव का बिगुल बज चुका है। इन 11 सीटों में से फिलहाल 8 भाजपा और 3 समाजवादी पार्टी के पास हैं। इन चुनावों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को परिणाम आएंगे। चुनाव आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता भी लागू कर दी है।

केशव मौर्य की अमित शाह से मुलाकात इससे पहले शुक्रवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की थी। इस बैठक में पार्टी संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया गया। केशव मौर्य ने दावा किया कि 2027 के चुनाव में भाजपा एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और विपक्ष के दशकों के शासन पर मोदी सरकार के 12 साल भारी पड़े हैं।

योगी का आभार संदेश बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री के साथ अपनी तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, आपका मार्गदर्शन नए उत्तर प्रदेश के निर्माण हेतु मुझे सदैव नई ऊर्जा देता है। अमूल्य समय प्रदान करने के लिए हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी। यह संकेत साफ है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर भाजपा हाईकमान पूरी तरह सतर्क है और नेतृत्व के स्तर पर तालमेल बिठाया जा रहा है।

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