ईरान ने एक ऐसी रेल परियोजना को हकीकत में बदल दिया है, जिसकी चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। चाबहार से जाहेदान तक तैयार हुए इस 730-735 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर ने इंजीनियरिंग का एक नया उदाहरण पेश किया है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इस परियोजना का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
इंजीनियरिंग का कमाल: सुरंगों और पुलों का जाल इस रेल प्रोजेक्ट की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 33 रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं। इंजीनियरों ने कठिन रास्तों को पार करने के लिए 39 सुरंगों का निर्माण किया है, जिनकी कुल लंबाई लगभग 17 किलोमीटर है। इसके साथ ही 201 पुल और विशेष संरचनाएं खड़ी की गई हैं। लगभग 2000 जल निकासी मार्ग बनाकर इस कॉरिडोर को हर मौसम के लिए सुरक्षित बनाया गया है।
माल ढुलाई पर रहेगा विशेष जोर इस परियोजना में मुख्य लाइन 630 किलोमीटर की है, जो सब-लाइनों को मिलाकर 735 किलोमीटर तक पहुंच जाती है। इसके संचालन के बाद सालाना 22 लाख यात्रियों के साथ-साथ 7.7 मिलियन (77 लाख) टन माल की ढुलाई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक और 90 हजार टन घरेलू रेल का उपयोग किया गया है।
मध्य एशिया और अफगानिस्तान के लिए लाइफलाइन चाबहार बंदरगाह इस पूरे कॉरिडोर की धुरी है। हिंद महासागर के मुहाने पर स्थित यह बंदरगाह अब ईरान के भीतरी इलाकों और मध्य एशियाई देशों के लिए समुद्री व्यापार का सीधा द्वार बन गया है। जिन देशों के पास अपना कोई समुद्री तट नहीं है, उनके लिए यह रेल लाइन अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का सबसे सस्ता और सुलभ विकल्प साबित होगी।
अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था में नया मोड़ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस नेटवर्क को आगे खाफ-हेरात लाइन से जोड़ा जाता है, तो अफगानिस्तान के लिए भी व्यापार की नई राहें खुल जाएंगी। अफगान व्यापारी ईरान के रास्ते अपना माल चाबहार बंदरगाह तक पहुंचा सकेंगे, जहाँ से उसे वैश्विक बाजारों में भेजना आसान होगा। हालांकि, इसके लिए सीमा शुल्क और पारगमन नियमों को और अधिक सरल बनाने की आवश्यकता होगी।
जल्द शुरू होगा नियमित संचालन सिस्तान और बलूचिस्तान के गवर्नर ने पुष्टि की है कि चाबहार-ईरान शहर के बीच ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है। वर्तमान में परिवहन और शहरी विकास मंत्रालय की टीम सुरक्षा मानकों और तकनीकी जांच को अंतिम रूप दे रही है। माना जा रहा है कि अगले 3 से 4 महीनों के भीतर यह रेल लाइन पूरी तरह से चालू हो जाएगी, जो क्षेत्रीय व्यापारिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल सकती है।
⚡️BREAKING: Iran has Officially Completed Construction of the Strategic 730-Kilometer Chabahar-Zahedan Railway Line
— Iran Observer (@IranObserver0) September 25, 2026
This railway will connect the Landlocked Central Asian Countries to the Indian Ocean and will be fully operational within three to four months
The construction of… pic.twitter.com/0K5V4WhHzl
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