महाराष्ट्र सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के दौरान बारिश की भारी कमी को देखते हुए राज्य के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित कर दिया है। ट्रिगर-1 के तहत लिए गए इस फैसले का उद्देश्य राज्य के बड़े हिस्से को राहत पहुंचाना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस संबंध में कई महत्वपूर्ण रियायतों और राहत उपायों को लागू करने का निर्देश दिया है।
सूखे की इस मार से राज्य के 34 जिले प्रभावित हुए हैं। इनमें विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिमी और उत्तरी महाराष्ट्र के साथ-साथ कोंकण के कुछ हिस्से भी शामिल हैं। सबसे अधिक प्रभाव पुणे संभाग में देखा गया है, जहां 35 तालुकाएं सूखे की चपेट में हैं। इसके अलावा, यवतमाल (16), जलगांव (15), नांदेड़ (14), अमरावती (14), अहिल्यानगर (14) और नागपुर (14) सहित कुल 265 तालुकाओं को आधिकारिक रूप से सूखा प्रभावित माना गया है।
सरकार ने प्रभावित किसानों और ग्रामीण आबादी को राहत देने के लिए 8 सूत्रीय योजना तैयार की है:
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने स्पष्ट किया है कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा, महायुति सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सूखे की इस घड़ी में किसानों और ग्रामीण परिवारों को समय पर पूरी मदद मिले।
उन्होंने आश्वासन दिया कि फसल के नुकसान का निष्पक्ष आकलन किया जाएगा और राहत कार्यों में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जल संरक्षण के काम शुरू करने और पशुओं के लिए विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। फसल नुकसान के लिए वित्तीय सहायता पर अंतिम निर्णय प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग से जारी किया जाएगा।
*बळीराजाला दिलासा, संकटात सरकार खंबीर!
— Sunetra Ajit Pawar (@SunetraA_Pawar) September 26, 2026
राज्यातील ३३ जिल्ह्यांतील २६५ तालुक्यांमध्ये दुष्काळ जाहीर करण्यात आला असून, दुष्काळग्रस्त शेतकऱ्यांना दिलासा देण्यासाठी विविध सवलती आणि उपाययोजना लागू करण्यात आल्या आहेत.
जमीन महसुलात सूट, पीक कर्जाचे पुनर्गठन व कर्जवसुलीस स्थगिती, कृषी… pic.twitter.com/jfAD8lNZbo
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