7 विदेशियों की रिहाई ने जगाई पुरानी यादें: सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी कंधार हाईजैक की बहस?
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नई दिल्ली: म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में तिहाड़ जेल में बंद 7 विदेशी नागरिकों को दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए (NIA) कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैंडीके और 6 यूक्रेनी नागरिकों को एक महीने के लिए अपने परिवारों से मिलने के लिए उनके देश जाने की अनुमति दे दी है।

क्या हैं रिहाई की शर्तें? कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन विदेशियों को अपनी विदेश यात्रा के दौरान सख्त कानूनी शर्तों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा। इसके लिए कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को उनके पासपोर्ट वापस करने के निर्देश दिए हैं। इन सातों विदेशियों को मामले में पहले ही डिफॉल्ट बेल मिल चुकी है।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर का सच इस रिहाई के बाद सोशल मीडिया पर एक तुलनात्मक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में एक तरफ 1999 के IC-814 कंधार विमान अपहरण कांड के बाद आतंकी मसूद अजहर की रिहाई का जिक्र है, तो दूसरी तरफ वर्तमान में इन विदेशी नागरिकों की रिहाई की तस्वीरें हैं।

अजीत डोभाल और संयोग का कनेक्शन वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि 1999 के कंधार कांड के समय केंद्र में बीजेपी की सरकार थी और अजीत डोभाल इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में अधिकारी थे। अब 2026 में जब इन विदेशी नागरिकों को रिहा किया गया, तब भी केंद्र में बीजेपी की सरकार है और अजीत डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के पद पर तैनात हैं। इसी संयोग को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

कंधार कांड: वह टीस जो आज भी बाकी है दिसंबर 1999 की कंधार विमान अपहरण की घटना भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय मानी जाती है। उस समय यात्रियों की जान बचाने के बदले भारत सरकार को मसूद अजहर सहित तीन आतंकवादियों को रिहा करना पड़ा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उस वक्त अजीत डोभाल उन अधिकारियों में शामिल थे जो अपहरणकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे।

मसूद अजहर की रिहाई का खौफनाक असर रिहाई के बाद मसूद अजहर ने कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया। इस संगठन का नाम बाद में भारत पर हुए कई बड़े हमलों में सामने आया, जिनमें 2019 का पुलवामा आतंकी हमला भी शामिल है। यही कारण है कि किसी भी हाई-प्रोफाइल रिहाई के समय आज भी कंधार कांड की यादें ताजा हो जाती हैं और सरकार के फैसलों पर सवाल उठने लगते हैं।

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