क्या इसी दिन के लिए सत्ता में लाए थे? : पूर्व DGP ने PM मोदी और अमित शाह से पूछे तीखे सवाल
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने केंद्र की मोदी सरकार के कामकाज और नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बीजेपी नेतृत्व को निशाने पर लिया है और देश की वर्तमान स्थिति पर अपनी गहरी चिंता जताई है।

सबका साथ-सबका विकास का क्या हुआ? एसपी वैद ने 2014 के चुनावी नारों को याद दिलाते हुए कहा कि जनता ने बीजेपी को अपार समर्थन दिया था, लेकिन आज का माहौल उम्मीदों के विपरीत है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी नेतृत्व से पूछा कि क्या इसी दिन के लिए उन्हें तीसरी बार सत्ता में लाया गया था।

यूजीसी गाइडलाइंस और एससी-एसटी एक्ट पर असंतोष पूर्व डीजीपी ने मौजूदा नीतियों पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि क्या सरकार का काम केवल यूजीसी गाइडलाइंस और एससी-एसटी एक्ट के विवादों में उलझे रहना है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता ने जिस बदलाव की उम्मीद की थी, वह नजर नहीं आ रहा है।

दो नावों पर सवारी न करे बीजेपी वैद ने बीजेपी को सलाह दी कि वह दो नावों पर सवार होने की नीति छोड़े। उन्होंने कहा कि बीजेपी हिंदुत्व की विचारधारा के नाम पर वोट लेती है, लेकिन सरकार को अपने कोर वोटर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी नीतियों से पार्टी का मुख्य आधार ही विभाजित हो जाएगा।

देश को बांटने वाली नहीं, जोड़ने वाली राजनीति हो पूर्व डीजीपी ने स्पष्ट किया कि देश को ऐसे कानूनों की जरूरत है जो भविष्य का निर्माण करें, न कि उसे पीछे ले जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जो समाज को बांटे। उन्होंने आग्रह किया कि देश के लिए वे फैसले लिए जाएं जो सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करें और देश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाएं।

पीएम मोदी से बड़े फैसलों की उम्मीद हालांकि एसपी वैद ने यह माना कि सरकार ने कुछ क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत की जनता प्रधानमंत्री मोदी से और बड़े और साहसी फैसलों की उम्मीद रखती है। वैद की यह अपील ऐसे समय पर आई है जब सरकार के कुछ फैसलों पर देश के अलग-अलग हिस्सों में चर्चा और विरोध के स्वर उठ रहे हैं।

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