अक्टूबर में भारत की कूटनीतिक जीत: न्यूजीलैंड से ऐतिहासिक डील और कनाडा के साथ सुधरेंगे रिश्ते
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भारत के लिए अक्टूबर का महीना आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है। न्यूजीलैंड के साथ एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) लागू होने जा रहा है, वहीं कनाडा के साथ तनाव के बीच व्यापारिक वार्ता में नई उम्मीदें जगी हैं।

न्यूजीलैंड के साथ ऐतिहासिक एफटीए: भारत को मिलेगी 100% शुल्क-मुक्त पहुंच

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) इस साल 20 अक्टूबर से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, यह समझौता भारत के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके लागू होते ही न्यूजीलैंड को भेजे जाने वाले भारतीय सामानों को 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त (Duty-free) पहुंच मिलेगी।

इस डील का सबसे बड़ा आकर्षण निवेश है। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस समझौते से भारत के कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो कंपोनेंट्स और आईटी सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा।

किन चीजों को रखा गया है बाहर?

सरकार ने अपने घरेलू हितों की रक्षा के लिए इस डील में सावधानी भी बरती है। डेयरी उत्पाद, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, कृत्रिम शहद और चीनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस मुक्त व्यापार समझौते के दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि भारतीय किसानों और घरेलू बाजार पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।

कनाडा के साथ तनाव के बीच व्यापारिक वार्ता का नया दौर

कनाडा के साथ चल रहे कूटनीतिक खिंचाव के बीच सरकार ने व्यापारिक मोर्चे पर सकारात्मक रुख अपनाया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को लेकर बातचीत तेज हो गई है।

वार्ता का पांचवां दौर 5 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। गोयल ने कहा कि अगले 90 दिन भारत-कनाडा संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। दोनों देश इस साल के अंत तक बातचीत पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, जिससे भारतीय पेशेवरों, छात्रों और निर्यातकों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं।

यूरोप और चिली के साथ भी उम्मीदें

केवल न्यूजीलैंड और कनाडा ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत अपनी व्यापारिक पहुंच बढ़ा रहा है। यूरोपीय संघ (EU) के साथ व्यापार समझौते को लेकर भी सकारात्मक संकेत हैं, जिसके अगले कुछ महीनों में लागू होने की संभावना है। इसके अलावा, चिली के साथ भी व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में है, जहां से जल्द ही अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है।

यह अक्टूबर भारत की अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीति के लिए एक बड़ी परीक्षा और अवसर दोनों है, जो देश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

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